नई दिल्ली, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्ष 2013 में विश्व व्यापार संगठन (WTO) की बाली बैठक में किसानों के हितों से समझौता किया था। उन्होंने इसे देश के किसानों और गरीबों के लिए लंबे समय तक नुकसानदायक बताया।
लोकसभा में हुआ तीखा राजनीतिक टकराव
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि राहुल गांधी द्वारा सरकार पर अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में समर्पण करने का आरोप लगाया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस सरकार के समय किए गए समझौतों के कारण देश को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा।
2013 के WTO समझौते पर उठाए सवाल
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2013 में बाली में हुए WTO समझौते के चलते 2017 से किसानों से अनाज की सरकारी खरीद प्रभावित हुई और गरीबों तक राशन पहुंचाने में भी कठिनाई आई।
| विवरण | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| मुद्दा | WTO बाली समझौता 2013 | विवादित |
| आरोपकर्ता | राहुल गांधी | सरकार पर आरोप |
| पलटवार | निर्मला सीतारमण | कांग्रेस पर आरोप |
| प्रभाव | अनाज खरीद व राशन वितरण | प्रभावित |
- कांग्रेस पर किसानों के हितों से समझौता करने का आरोप।
- गरीबों तक राशन न पहुंच पाने की बात कही।
- 2013 के WTO फैसले को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप
वित्त मंत्री ने कहा कि WTO की बाली बैठक में समझौता करने वाले वही लोग हैं, जिनके कारण किसानों और गरीबों को वर्षों तक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि अब वही लोग सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
सरकार की नीति का किया बचाव
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों और गरीबों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए नीतियां बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते में देश के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
लोकसभा में निर्मला सीतारमण और राहुल गांधी के बीच हुआ यह टकराव व्यापार नीति, किसानों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज करता है। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद और राजनीति में केंद्र में बना रह सकता है।
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