आजमगढ़/संतकबीरनगर, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और संतकबीरनगर जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमशुल हुदा खान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई, जिसमें आरोपी पर विदेशी नागरिकता लेने के बावजूद अवैध रूप से वेतन और पेंशन लेने का गंभीर आरोप है।
नियुक्ति से लेकर विदेशी नागरिकता तक का मामला
शमशुल हुदा खान को वर्ष 1984 में आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित मदरसा अशरफिया में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया था। वर्ष 2007 में वे ब्रिटेन चले गए और वर्ष 2013 में वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली। आरोप है कि इसके बावजूद उन्होंने भारत में स्वयं को कार्यरत दर्शाते हुए वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ लेते रहे।
अवैध लाभ और संदिग्ध गतिविधियां
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने विदेश में रहते हुए भी मेडिकल लीव और सेवा अभिलेखों को अपडेट कराकर वर्ष 2013 से 2017 तक वेतन और 2023 तक पेंशन प्राप्त की। साथ ही उनके एनजीओ के माध्यम से विदेशी फंडिंग और संदिग्ध लेन-देन के भी संकेत मिले हैं।
| विवरण | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| आरोपी | मौलाना शमशुल हुदा खान | ब्रिटिश नागरिक |
| मदरसा | मदरसा अशरफिया, मुबारकपुर | सरकारी अनुदानित |
| अवैध वेतन | लगभग ₹16 लाख | 2013-2017 |
| संदिग्ध लेन-देन | ₹5 करोड़ से अधिक | जांचाधीन |
| अनुमानित संपत्ति | लगभग ₹33 करोड़ | जांचाधीन |
- ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद भी सरकारी लाभ लिए।
- एनजीओ के माध्यम से संदिग्ध फंडिंग का आरोप।
- कई बैंकों में करोड़ों का लेन-देन सामने आया।
ED की छापेमारी और जब्ती
ED की टीम ने 11 फरवरी को सुबह से शाम तक आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र और संतकबीरनगर के चार ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया। इस दौरान बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए गए। हालांकि, कार्रवाई के समय आरोपी अपने आवास पर मौजूद नहीं थे।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
नवंबर 2025 में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा धोखाधड़ी और FEMA के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। मदरसा बोर्ड ने मान्यता रद्द कर रिकवरी आदेश जारी किया था, जिस पर हाईकोर्ट ने स्थगन दिया। दिसंबर 2025 में ED ने PMLA के तहत मामला दर्ज किया।
निष्कर्ष
यह मामला मदरसा शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, विदेशी नागरिकता छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों को उजागर करता है। ED की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में गिरफ्तारी या संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
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