कुशीनगर, राज्य वार्ता | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा और जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बजट में महिला पुलिस विंग को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रत्येक महिला बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) को अलग से वाहन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी सक्रियता, पहुंच और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बीट पुलिसिंग होगी और अधिक प्रभावी
जिले में कार्यरत महिला बीपीओ अब तक संसाधनों की कमी के कारण कई बार समय पर बीट क्षेत्र में नहीं पहुंच पाती थीं। दूरी और परिवहन सुविधा के अभाव में शिकायतों के निस्तारण में भी देरी होती थी। वाहन सुविधा मिलने से अब वे नियमित गश्त कर सकेंगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर पाएंगी।
महिला पुलिस व्यवस्था से जुड़े प्रमुख आंकड़े
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| जिले में महिला बीपीओ | 500 से अधिक |
| कुल थानों की संख्या | 21 |
| महिला बीट की संख्या | 565 |
| नई सुविधा | प्रत्येक बीपीओ को अलग वाहन |
महिला अपराधों पर लगेगा प्रभावी नियंत्रण
वाहन सुविधा मिलने से महिला पुलिस अधिकारी छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, बालिका सुरक्षा और महिला उत्पीड़न जैसे मामलों पर तेजी से कार्रवाई कर सकेंगी। वे स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और मोहल्लों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम भी नियमित रूप से संचालित करेंगी, जिससे महिलाओं में सुरक्षा का भाव और विश्वास बढ़ेगा।
पुलिस संसाधनों पर भी विशेष जोर
बजट में पुलिस विभाग के संसाधनों को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत आवासीय भवनों और अग्निशमन केंद्रों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। कप्तानगंज, फाजिलनगर, दुदही और सुकरौली में नए अग्निशमन केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
- पुलिस लाइन में नए आवासीय भवनों का निर्माण
- अग्निशमन केंद्रों की संख्या में वृद्धि
- पुलिसकर्मियों की आवास समस्या का समाधान
- संसाधनों के आधुनिकीकरण पर जोर
पुलिस अधीक्षक का बयान
कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने कहा कि महिला पुलिस विंग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उन्हें पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। वाहन मिलने से गश्त बढ़ेगी और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत होगी, जिससे महिला सुरक्षा तंत्र को नई मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
महिला बीपीओ को वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय प्रदेश में महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुलिसिंग अधिक सक्रिय, संवेदनशील और जवाबदेह बनेगी। साथ ही आमजन का पुलिस पर भरोसा भी और सुदृढ़ होगा।
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