देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में एक 6-7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से दुष्कर्म कर हत्या करने और शव को झरही नदी में फेंकने का मामला सामने आया है। मृतका की मां ने अपने ही चचेरे देवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर POCSO एक्ट, हत्या और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का क्रम: स्कूल से खेत और फिर नदी तक
परिजनों के अनुसार, बच्ची बुधवार सुबह लगभग 10 बजे प्राथमिक विद्यालय पढ़ने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि करीब 11 बजे आरोपी चाचा स्कूल पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। कुछ ग्रामीणों के मुताबिक वह साइकिल से घर ले जाने की बात कहकर बच्ची को साथ ले गया।
मां के आरोप के अनुसार, आरोपी ने गेहूं के खेत में ले जाकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पास बह रही झरही नदी में फेंक दिया गया।
| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पीड़िता | 6-7 वर्षीय छात्रा (कक्षा 1/2) |
| आरोपी | परिवार का सदस्य (चचेरा चाचा) |
| घटना स्थल | श्रीरामपुर थाना क्षेत्र, झरही नदी के पास खेत |
| धाराएं | दुष्कर्म, हत्या, POCSO एक्ट |
| कार्रवाई | आरोपी हिरासत में, पोस्टमार्टम जारी |
नदी में मिला शव, गांव में आक्रोश
दोपहर करीब 12:30 बजे बच्ची का शव झरही नदी में मिला। परिजनों को सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से कुछ भौतिक साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी
- फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलन
- परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा
कानूनी प्रावधान और सामाजिक सवाल
POCSO एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा शामिल हो सकती है। यह घटना परिवार के भीतर अपराध की गंभीरता को भी उजागर करती है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है।
निष्कर्ष
देवरिया की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक जागरूकता के लिए भी गंभीर चेतावनी है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद तथ्य स्पष्ट होंगे। परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की जिम्मेदारी है।
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