देहरादून, राज्य वार्ता | वेब वार्ता
उत्तराखंड में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेल सुरंगों के साथ बनने वाली एस्केप टनल को भविष्य में पैरेलल रोड के रूप में विकसित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति के साथ-साथ आमजन को भी इसका लाभ मिल सके।
एस्केप टनल के बहुउपयोगी विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बनने वाली रेल परियोजनाओं में एस्केप टनल केवल सुरक्षा तक सीमित न रहकर समानांतर सड़कों के रूप में विकसित की जाएं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में निर्मित एस्केप टनल के भविष्य उपयोग को लेकर भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
रेल नेटवर्क विस्तार पर दिए निर्देश
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावनाओं पर कार्य करने को कहा। इसके साथ ही टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
| परियोजना | स्थिति | मुख्य निर्देश |
|---|---|---|
| ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन | निर्माणाधीन | एस्केप टनल का वैकल्पिक उपयोग |
| टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन | प्रस्तावित | कार्य में तेजी |
| कर्णप्रयाग-बागेश्वर विस्तार | संभावित | फीजिबिलिटी पर अध्ययन |
रेलवे स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड प्लान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाए। इससे स्टेशन क्षेत्रों के आसपास स्थानीय बाजार विकसित हो सकें और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
- स्टेशनों के आसपास बाजार विकास
- स्थानीय उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था
- स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन
- पर्यटन एवं स्वरोजगार को बढ़ावा
स्वरोजगार और जनकल्याण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों के आसपास रहने वाले लोगों को अभी से स्वरोजगार, होमस्टे और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।
निष्कर्ष
राज्य में रेल परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले हैं। एस्केप टनल को पैरेलल रोड के रूप में विकसित करने, रेलवे स्टेशनों के समग्र विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने से पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है।
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