हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। कई महीनों से वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी से परेशान कर्मचारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में एकजुट होकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबोधित ज्ञापन अधीक्षक को सौंपा और शीघ्र भुगतान की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि समय पर वेतन न मिलने से उनका पारिवारिक और मानसिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
कई महीनों से वेतन भुगतान में अनियमितता
कर्मचारियों का आरोप है कि प्रदेश के लगभग 40 जिलों में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 का वेतन फरवरी माह के मध्य तक भी जारी नहीं किया गया। जुलाई 2025 से ही वेतन भुगतान में अनियमितता बनी हुई है, जिसके कारण दो माह का वेतन तीसरे महीने में दिया जा रहा है। इससे कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
| माह | वेतन की स्थिति | प्रभाव |
|---|---|---|
| जुलाई 2025 | अनियमित भुगतान | आर्थिक अस्थिरता |
| दिसंबर 2025 | अब तक लंबित | कर्ज और खर्च में वृद्धि |
| जनवरी 2026 | भुगतान नहीं | पारिवारिक संकट |
मानसिक तनाव और गंभीर परिणाम
ज्ञापन में कर्मचारियों ने दावा किया है कि वेतन न मिलने के कारण उत्पन्न आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव के चलते कुछ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स ने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास भी किया है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार तनावपूर्ण माहौल में काम करना बेहद कठिन होता जा रहा है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
पोर्टल अपडेट को लेकर नाराजगी
विभाग द्वारा नए पोर्टल (UP Health Portal / PFMS) के अपडेट का हवाला दिए जाने पर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि तकनीकी समस्याओं का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए। यदि पोर्टल में दिक्कत है तो वैकल्पिक व्यवस्था कर समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
- तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी
- वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव
- कर्मचारियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव
- विभागीय उदासीनता के आरोप
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने वालों में अर्पित कुमार पटेल, आदर्श कुमार (एलटी), गौरव त्रिपाठी, आशीष सिंह गौर, पंकज कुमार, राजेश कुमार, पूजन गुप्ता, राखी देवी, डॉ. करण सिंह, अनिल कुमार, पूजा सिंह, रवीना देवी सहित दर्जनों संविदा कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
निष्कर्ष
एनएचएम संविदा कर्मचारियों की यह समस्या केवल वेतन भुगतान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनशीलता और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिरता से भी जुड़ी हुई है। समय पर भुगतान न होने से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में विभाग को शीघ्र ठोस कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित करना आवश्यक है।
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