Wednesday, February 11, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा बयान: वैश्विक अस्थिरता पर सरकार को किया आगाह

नई दिल्ली, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता

लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को बदलते वैश्विक हालात को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तेजी से बदल रही है। भू-राजनीतिक संघर्ष, आर्थिक प्रतिस्पर्धा, ऊर्जा संकट और वित्तीय हथियारकरण एक साथ उभर रहे हैं, जो भारत सहित पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं।

बदलता वैश्विक शक्ति संतुलन

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका की वैश्विक प्रधानता को अब चीन, रूस और अन्य उभरती शक्तियां चुनौती दे रही हैं। दुनिया एकध्रुवीय व्यवस्था से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, लेकिन यह परिवर्तन स्थिरता के बजाय अनिश्चितता और अस्थिरता लेकर आया है। नई विश्व व्यवस्था का स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ रहा है।

वैश्विक बदलाववर्तमान स्थितिसंभावित प्रभाव
अमेरिकी प्रभुत्वकमजोर होता प्रभावशक्ति संतुलन में बदलाव
बहुध्रुवीय व्यवस्थातेजी से उभरतीनीतिगत अनिश्चितता
रणनीतिक प्रतिस्पर्धालगातार बढ़तीसैन्य व आर्थिक दबाव

ऊर्जा और वित्तीय हथियारकरण का दौर

राहुल गांधी ने कहा कि आज ऊर्जा संसाधनों और वित्तीय प्रणालियों का राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। तेल और गैस आपूर्ति पर नियंत्रण, आर्थिक प्रतिबंधों का बढ़ता प्रयोग तथा भुगतान प्रणालियों पर दबाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है।

  • तेल और गैस आपूर्ति पर नियंत्रण
  • आर्थिक प्रतिबंधों का बढ़ता उपयोग
  • वैश्विक भुगतान प्रणालियों पर दबाव
  • डॉलर की स्थिति को चुनौती

“युद्ध का युग समाप्त नहीं हुआ”

प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कथन “यह युद्ध का युग नहीं है” का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक नए युद्धकाल में प्रवेश कर रही है, जहां क्षेत्रीय संघर्ष, सैन्य प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक टकराव तेजी से बढ़ रहे हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण में अस्थिरता के संकेत

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण में भी वैश्विक अस्थिरता और जोखिमों को स्वीकार किया गया है। यदि सरकारी दस्तावेज ही अनिश्चितता को दर्शा रहे हैं, तो सरकार को ठोस और दूरदर्शी नीति बनानी चाहिए।

प्रमुख प्रश्नसरकार से अपेक्षा
वैश्विक संकट से तैयारीदीर्घकालिक रणनीति
ऊर्जा संकट समाधानआपूर्ति सुरक्षा योजना
महंगाई-बेरोजगारीरोजगार सृजन नीति
डॉलर दबाववित्तीय विविधीकरण

डॉलर की चुनौती और भारत

राहुल गांधी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर डॉलर की स्थिति को कई देश चुनौती दे रहे हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में बड़ा बदलाव आता है, तो भारत को वैकल्पिक व्यापार व्यवस्था और आर्थिक विविधीकरण पर गंभीरता से काम करना होगा।

निष्कर्ष

लोकसभा में दिए गए इस बयान के माध्यम से राहुल गांधी ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य को हल्के में नहीं लिया जा सकता। भारत को मजबूत, व्यावहारिक और दूरदर्शी आर्थिक एवं रणनीतिक नीति अपनानी होगी, ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

👉 राष्ट्रीय राजनीति और संसद की हर बड़ी खबर पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: दिल्ली में भूपेंद्र हुड्डा के आवास पर भव्य राजनीतिक भोज, राहुल-प्रियंका समेत 85 से अधिक सांसद रहे मौजूद

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img