कुशीनगर, वेब वार्ता
“Safer Internet Day–2026” के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार प्रयोग को लेकर एक जनपद स्तरीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
डिजिटल सुरक्षा को लेकर किया गया जागरूक
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आमजन एवं शासकीय अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग, साइबर खतरों की पहचान तथा उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनीष कुमार द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर चर्चा
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में फिशिंग ई-मेल, ओटीपी व यूपीआई फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, फेक कस्टमर केयर, रिमोट एक्सेस स्कैम तथा डीपफेक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
- फिशिंग ई-मेल व मैसेज से सतर्कता
- यूपीआई व ओटीपी फ्रॉड से बचाव
- फर्जी निवेश योजनाओं से सावधानी
साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश
| विषय | निर्देश |
|---|---|
| ओटीपी/पिन | किसी से साझा न करें |
| संदिग्ध लिंक | क्लिक न करें |
| ऐप डाउनलोड | केवल आधिकारिक स्टोर से करें |
| पासवर्ड | मजबूत व अलग-अलग रखें |
साइबर अपराध की शिकायत प्रक्रिया
कार्यशाला में बताया गया कि साइबर अपराध की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें अथवा 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें, जिससे समय रहते आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।
AI के सुरक्षित और सकारात्मक उपयोग पर जोर
“Safe and Responsible Use of AI” विषय पर चर्चा करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन एवं सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। साथ ही एआई के दुरुपयोग से उत्पन्न जोखिमों एवं डीपफेक कंटेंट से सावधान रहने की अपील की गई।
मुख्य विकास अधिकारी का संदेश
मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल इंडिया के युग में साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को अपने परिवार और समाज तक अवश्य पहुंचाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक पीयूष, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी, जिला कृषि अधिकारी मेनका सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी श्रवण कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
कुशीनगर में आयोजित यह कार्यशाला साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और जिम्मेदार एआई उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे आमजन एवं सरकारी तंत्र दोनों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने में सहायता मिलेगी।
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