सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता
हरियाणा के खेल एवं युवा अधिकारिता राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि विद्यालयों में आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि ये विद्यार्थियों की प्रतिभा, संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों का सजीव प्रतिबिंब होते हैं। उन्होंने मंगलवार को सोनीपत स्थित हिन्दू सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए यह बात कही।
वार्षिक समारोह में विद्यार्थियों को मिला प्रेरणादायक संदेश
राज्यमंत्री गौरव गौतम ने विद्यार्थियों को वार्षिक समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने और नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
114 वर्ष पुरानी संस्था को बताया संस्कृति का केंद्र
उन्होंने कहा कि हिन्दू ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस जैसी 114 वर्ष पुरानी संस्था सनातन संस्कृति और भारतीय मूल्यों का जीवंत केंद्र है। वसुधैव कुटुम्बकम और सर्वे भवन्तु सुखिनः जैसे विचारों को आत्मसात करने वाली यह संस्था एक छोटे बीज से विकसित होकर आज समाज और राष्ट्र निर्माण में वटवृक्ष की भूमिका निभा रही है।
राज्यमंत्री ने विद्यालय के वरिष्ठ सदस्यों, प्रबंधन समिति, शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान ही समाज और राष्ट्र की दिशा तय करते हैं।
विकसित भारत 2047 और युवाओं की जिम्मेदारी
राज्यमंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के युवाओं के सामने रखा गया विकसित भारत 2047 का संकल्प तभी पूरा होगा जब युवा पीढ़ी शिक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य और नवाचार के क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और महाशक्ति बनेगा।
खेलों में हरियाणा की उल्लेखनीय उपलब्धियां
राज्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज पूरे देश और दुनिया में खेलों के लिए जाना जाता है। सीमित जनसंख्या होने के बावजूद राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी | लगभग 2 प्रतिशत |
| राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदकों में योगदान | 70 प्रतिशत से अधिक |
- हरियाणा के खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीत रहे हैं
- शिक्षा और खेल दोनों में संतुलन पर जोर
- युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने की अपील
पुरानी सोच को बदला हरियाणा के युवाओं ने
उन्होंने कहा कि पहले यह धारणा प्रचलित थी कि पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब, लेकिन हरियाणा के युवाओं ने इस सोच को बदलकर यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा और खेल दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
राज्यमंत्री गौरव गौतम का संबोधन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा, संस्कार और खेलों के माध्यम से ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। वार्षिक समारोह जैसे आयोजन बच्चों को आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
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