ग्रेटर नोएडा, एनसीआर डेस्क | वेब वार्ता
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जुम्मे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले के विरोध में सोमवार शाम ग्रेटर नोएडा में शिया समुदाय द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। मस्जिद इमाम रज़ा, गढ़ी छोलस से शुरू हुए इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की।
मस्जिद इमाम रज़ा से इमामिया चौक तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन
कैंडल मार्च मस्जिद इमाम रज़ा, गढ़ी छोलस से प्रारंभ होकर इमामिया चौक तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां थीं, जिन पर आतंकवाद विरोधी नारे लिखे हुए थे। मार्च के दौरान लोगों ने शांति, भाईचारे और मानवता के समर्थन में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
मौलाना इरफान रज़ा छोलसी का सशक्त संबोधन
कैंडल मार्च की सदारत कर रहे मौलाना इरफान रज़ा छोलसी ने इमामिया चौक पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इबादतगाहों पर हमला करना सीधे तौर पर इंसानियत पर हमला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद किसी भी मजहब की शिक्षा के खिलाफ है और इसका कोई धर्म, जाति या सरहद नहीं होती।
- आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन बताया गया
- मासूमों की हत्या की कड़ी निंदा की गई
- पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग उठाई गई
मृतकों के लिए दुआ और सामाजिक एकजुटता
कार्यक्रम के अंत में मौलाना इरफान रज़ा छोलसी द्वारा हमले में मारे गए लोगों की मगफिरत और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए विशेष दुआ कराई गई। कैंडल मार्च में इस्लाम मियां, गुलाम अली, सैय्यद हसन रज़ा, आलम, कमर अब्बास अरमान, इनाम, मसूद अकबर, मीर मेहराब रिज़वी, तौफीक, जहूर अली और हुज्जत रिज़वी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा में निकाले गए इस कैंडल मार्च ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह एकजुट है। मासूमों की हत्या को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शांति, सौहार्द और भाईचारा ही एक सशक्त और सुरक्षित समाज की आधारशिला हैं।
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