हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई में एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश को लेकर कांग्रेस पार्टी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के बूथ अध्यक्षों और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) द्वारा बड़े पैमाने पर कंप्यूटर टाइप फर्जी प्रारूप-7 दाखिल कर मतदाता सूची में हेरफेर की जा रही है। इस संबंध में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर जिला निर्वाचन प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता में लगाए गए गंभीर आरोप
हरदोई में मतदाता सूची से नाम काटने की साजिश का आरोप 🚨
कांग्रेस ने भाजपा बूथ अध्यक्षों व BLA पर फर्जी प्रारूप-7 दाखिल कर वोटर लिस्ट में हेरफेर का दावा किया।
15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी।#Hardoi #VoterList #SIR #Congress #BJP #WebVarta pic.twitter.com/sKnLYOvIAy— Webvarta News Agency (@webvarta) February 9, 2026
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व जिला अध्यक्ष और 156 हरदोई सदर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे आशीष कुमार सिंह सोमवंशी ने कहा कि भाजपा संभावित हार को देखते हुए तहसील प्रशासन की मिलीभगत से वैध मतदाताओं के नाम चुपचाप कटवाने की साजिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी साक्ष्य के एक साथ सैकड़ों प्रारूप-7 दाखिल करना निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है।
बूथवार प्रस्तुत किए गए उदाहरण
| बूथ संख्या | स्थान | बीएलए का नाम | दाखिल प्रारूप-7 |
|---|---|---|---|
| 204 | राजकीय आदर्श विद्यालय | समीम अहमद | 115 |
| 205 | राजकीय आदर्श विद्यालय | अफाक अहमद | 130 |
- आरोप: फर्जी और सामूहिक प्रारूप-7 दाखिल
- क्षेत्र: 156 हरदोई सदर विधानसभा
- लक्षित क्षेत्र: अल्पसंख्यक बाहुल्य बूथ
- आशंका: सुनियोजित मतदाता कटौती
अल्पसंख्यक क्षेत्रों को निशाना बनाने का दावा
आशीष सोमवंशी ने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाई विशेष रूप से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में की गई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रारूप-7 एक ही प्रारूप में कंप्यूटर से टाइप किए गए हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि इन्हें भाजपा कार्यालय या तहसील स्तर पर तैयार कराया गया।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन
कांग्रेस नेता ने बताया कि निर्वाचन आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी व्यक्ति केवल अपने या अपने परिवार के सदस्यों का ही प्रारूप-7 दाखिल कर सकता है। साथ ही, आपत्ति की स्थिति में संबंधित मतदाता को नोटिस देना अनिवार्य है। झूठी शिकायत पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज करने का भी प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों प्रारूप-7 का एक साथ जमा होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिला प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि बूथवार यह सार्वजनिक किया जाए कि कितने प्रारूप-7 प्राप्त हुए, किस पटल पर और किसके द्वारा जमा किए गए। यदि यह प्रक्रिया तहसील प्रशासन के माध्यम से हुई है, तो संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक की जाए। साथ ही आपत्तिकर्ता और मतदाताओं की खुली बैठक कर वीडियोग्राफी के साथ पारदर्शी निस्तारण किया जाए।
15 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
आशीष सोमवंशी ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर फर्जी प्रारूप-7 दाखिल करने वाले भाजपा बूथ अध्यक्षों और बीएलए के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी तहसील और जिला कार्यालय का घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि वैध मतदाताओं की ओर से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
प्रेस वार्ता में कई नेता रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में पूर्व जिला उपाध्यक्ष साधू सिंह सोमवंशी, नेतम भारतीय, पीसीसी सदस्य डॉ. अजीमुश्शान, पूर्व जिला महासचिव सुरेंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व जिला सचिव राजेश पाण्डेय, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष श्रीप्रकाश मिश्रा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
हरदोई में मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर लगाए गए ये आरोप चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और सार्वजनिक जांच हो, ताकि किसी भी मतदाता के अधिकारों का हनन न हो। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी।
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