चम्पावत, राज्य डेस्क | वेब वार्ता
उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के समग्र विकास, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी बजट प्रदेश की आर्थिक मजबूती, सामाजिक कल्याण और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।
राज्य की आर्थिक प्रगति पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम में सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बीते पांच वर्षों में उत्तराखंड के पूंजीगत व्यय (कैपिटल आउटले) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को नई गति मिली है।
पिछले पांच वर्षों में आर्थिक वृद्धि का विवरण
| वर्ष / अवधि | कैपिटल आउटले (₹ करोड़) | राज्य जीडीपी (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| पिछले पांच वर्ष पहले | 7,534 | — |
| वर्तमान स्थिति | 14,765 | 4,74,000 |
| वृद्धि | लगभग दोगुनी | लगभग 60% |
- कार्यक्रम: बजट-पूर्व संवाद
- स्थान: बनबसा, चम्पावत
- मुख्य विषय: आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था
- फोकस: विकास और वित्तीय प्रबंधन
महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष पहल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक गांव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाएं विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान, स्वास्थ्य और सुविधा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम होगी।
2047 तक आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। सरकार पारदर्शी प्रशासन और संतुलित विकास पर लगातार काम कर रही है।
जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के सुझाव
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, विशेषज्ञों और हितधारकों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इन सुझावों में कृषि, पर्यटन, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया, जिन्हें आगामी बजट में शामिल करने पर सरकार विचार करेगी।
निष्कर्ष
बनबसा में आयोजित बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम उत्तराखंड की विकास रणनीति को नई दिशा देने वाला साबित हुआ है। आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, मजबूत वित्तीय प्रबंधन और जनभागीदारी पर दिया गया जोर यह दर्शाता है कि राज्य सरकार समावेशी और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाला बजट प्रदेश के आर्थिक भविष्य को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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