नई दिल्ली, राज्य डेस्क | वेब वार्ता
लद्दाख के विकास और प्रशासनिक चुनौतियों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) के पूर्व अध्यक्ष ताशी ग्यालसन कर रहे थे। बैठक में जलविद्युत परियोजनाओं, बिजली आपूर्ति और सिविल सेवा परीक्षाओं में लद्दाख के अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
अघम जलविद्युत परियोजना पर हुई विस्तृत चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने श्योक नदी पर प्रस्तावित अघम जलविद्युत परियोजना की प्रगति की जानकारी मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना लद्दाख में स्थानीय बिजली आपूर्ति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने परियोजना के महत्व को स्वीकार करते हुए कहा कि इससे जुड़े सभी पहलुओं की संस्थागत प्रक्रिया के तहत समीक्षा की जाएगी।
बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
| विषय | मुख्य बिंदु | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|
| अघम जलविद्युत परियोजना | बिजली उत्पादन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना | स्थानीय ऊर्जा आत्मनिर्भरता |
| सिविल सेवा अभ्यर्थी | लद्दाख के युवाओं के लिए अवसर | प्रशासनिक भागीदारी में वृद्धि |
| बुनियादी ढांचा | सड़क, बिजली और संचार सुविधा | सतत विकास को बढ़ावा |
- नेतृत्व: ताशी ग्यालसन
- मुलाकात स्थल: नई दिल्ली
- मुख्य मुद्दे: बिजली, प्रशासन, शिक्षा
- सरकारी पक्ष: डॉ. जितेंद्र सिंह
सिविल सेवा अभ्यर्थियों को लेकर उठी चिंता
बैठक में लद्दाख से सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने वाले युवा अभ्यर्थियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय चुनौतियों, सीमित संसाधनों और प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी का उल्लेख किया। डॉ. सिंह ने इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
केंद्र और लद्दाख के बीच संवाद मजबूत
इस बैठक को केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच निरंतर संवाद का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने क्षेत्र में सतत विकास, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक सुधार को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बैठकों से नीति निर्माण में स्थानीय जरूरतों को बेहतर ढंग से शामिल किया जा सकता है।
निष्कर्ष
लद्दाख प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री के बीच हुई यह बैठक क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जलविद्युत परियोजनाओं और सिविल सेवा से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा से यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार लद्दाख की आवश्यकताओं को लेकर सजग है। आने वाले समय में इन प्रयासों से क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा, प्रशासनिक मजबूती और युवाओं के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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