नई दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “बहुत अच्छी” करार दिया है। ट्रंप के इस बयान से पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच अगले सप्ताह बातचीत के एक और दौर की संभावना जताई जा रही है। वहीं, ईरान ने भी इन वार्ताओं के माहौल को सकारात्मक बताते हुए आगे संवाद जारी रखने की इच्छा जताई है।
एयर फोर्स वन में मीडिया से बोले ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ओमान में ईरान के साथ हुई अप्रत्यक्ष बातचीत बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगले सप्ताह की शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच और बातचीत हो सकती है। हालांकि, ट्रंप ने इन वार्ताओं के विस्तृत एजेंडे पर कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की।
ईरान ने भी माना बातचीत का माहौल सकारात्मक
ईरान की ओर से भी इस बातचीत को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची, जिन्होंने मस्कट में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, ने कहा कि बातचीत का माहौल सहयोगपूर्ण और सकारात्मक रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रही।
- बातचीत का स्वरूप: अमेरिका–ईरान के बीच अप्रत्यक्ष संवाद
- स्थान: मस्कट, ओमान
- मुख्य फोकस: ईरान का परमाणु कार्यक्रम
- आगे की योजना: अगले सप्ताह संभावित वार्ता
परमाणु कार्यक्रम बना मुख्य मुद्दा
ईरान की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि बातचीत का केंद्र बिंदु केवल परमाणु कार्यक्रम रहा। जानकारों के अनुसार, यह संकेत देता है कि तेहरान फिलहाल क्षेत्रीय मुद्दों या प्रतिबंधों पर व्यापक चर्चा के बजाय परमाणु समझौते से जुड़े विषयों पर ही फोकस करना चाहता है। अमेरिका की ओर से भी इस बात पर सहमति के संकेत मिलते हैं कि प्राथमिकता परमाणु गतिविधियों को लेकर पारदर्शिता और नियंत्रण पर है।
कूटनीतिक संकेत और वैश्विक महत्व
ओमान में हुई यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच संवाद को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत आगे बढ़ती है, तो इससे न केवल परमाणु मुद्दे पर प्रगति हो सकती है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
ओमान में हुई अमेरिका–ईरान बातचीत पर राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान, दोनों की सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि कूटनीतिक रास्ता अभी खुला हुआ है। हालांकि, बातचीत का परिणाम क्या होगा, यह आने वाले दौर की बैठकों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, इस संवाद को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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