मलेशिया, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया दौरे के दौरान इंडियन नेशनल आर्मी (INA) के पूर्व सिपाहियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में INA के योगदान को याद करते हुए देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नायकों का त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
स्वतंत्रता संग्राम में INA की ऐतिहासिक भूमिका
| विषय | विवरण | महत्व |
|---|---|---|
| स्थापना | द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान | आज़ादी की लड़ाई को नई दिशा |
| नेतृत्व | सुभाष चंद्र बोस | सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व |
| उद्देश्य | ब्रिटिश शासन से मुक्ति | राष्ट्रीय चेतना को मजबूती |
इंडियन नेशनल आर्मी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से आज़ादी की लड़ाई को मजबूती दी। इस संगठन ने देशवासियों में राष्ट्रप्रेम और आत्मबलिदान की भावना को व्यापक स्तर पर फैलाया।
पीएम मोदी की भावनात्मक और आत्मीय मुलाकात
प्रधानमंत्री ने INA के पूर्व सैनिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके संघर्षपूर्ण जीवन अनुभवों को ध्यान से सुना। उन्होंने कहा कि इन सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों में भी देशहित को सर्वोपरि रखा।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रसंगों को भी याद किया और भारत की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डाला।
भारत-मलेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध
मलेशिया में INA की गतिविधियों का विशेष ऐतिहासिक महत्व रहा है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत की आज़ादी की लड़ाई में सहयोग दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर भी मजबूत हैं।
- INA सेनानियों के योगदान को सम्मान
- युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रयास
- भारत-मलेशिया मित्रता को मजबूती
- देशभक्ति की भावना को बढ़ावा
वीडियो और जनभावनाएं
इस मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री पूर्व सैनिकों से आत्मीयता और सम्मान के साथ संवाद करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं।
निष्कर्ष
मलेशिया में INA के सिपाहियों से प्रधानमंत्री की मुलाकात भारत के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है। यह पहल युवाओं को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है।
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