सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में संचालित 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सिद्धार्थनगर जनपद में बाल विवाह के विरुद्ध जनजागरूकता को नई गति मिली है। सदर विधायक श्याम धनी राही ने मंगलवार को बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
विधायक बोले—बेटियों के भविष्य की रक्षा का संकल्प
इस अवसर पर विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों के भविष्य, शिक्षा और सम्मान की रक्षा का एक सशक्त संकल्प है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।
बाल विवाह शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों पर प्रहार
विधायक ने कहा कि जब हम एक बच्चे का बचपन बचाते हैं, तो हम एक पूरी पीढ़ी को शिक्षित, स्वस्थ और सशक्त बनाते हैं। बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुप्रथा है, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवाधिकारों पर भी गहरा आघात करता है, जिसे समाप्त करना समय की आवश्यकता है।
30 दिनों तक गांव-शहर में चलेगा जागरूकता अभियान
राष्ट्रीय अभियान के क्रम में मानव सेवा संस्थान सेवा द्वारा जिले में बाल विवाह मुक्ति रथ का संचालन किया जा रहा है। यह रथ लगभग 30 दिनों तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों से अवगत कराएगा।
अभियान की प्रमुख जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अभियान | 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान |
| लक्ष्य | 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत |
| जिला | सिद्धार्थनगर |
| रथ भ्रमण अवधि | लगभग 30 दिन |
| कार्यान्वयन | मानव सेवा संस्थान सेवा |
मानव सेवा संस्थान ने जताया आभार
मानव सेवा संस्थान के कार्यकारी निदेशक पुरु मयंक त्रिपाठी ने अभियान को हरी झंडी दिखाने के लिए सदर विधायक का आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायी पहल बताया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
कार्यक्रम में संदीप कुमार मद्धेशिया, अरुण कुमार मद्धेशिया, ग्राम प्रधान झंगटी अरविंद तिवारी, विशुनपुर राजेश यादव, हेमंत सिंह, प्रधान अनिल कुमार गुप्ता, प्रधान प्रतिनिधि अशोक कुमार, जेई सुधांशु पाठक, सर्वजीत, मंटू विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, स्टेकहोल्डर्स एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- बाल विवाह के खिलाफ जनस्तरीय जागरूकता
- 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निरंतर अभियान
निष्कर्ष
सिद्धार्थनगर में बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करता है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सहभागिता से यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव भी रखेगा।
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