लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश और बिहार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। महिला किसानों की क्षमता वृद्धि, डिजिटल तकनीक आधारित खेती और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में ‘भूस्वामिनी’ और ‘बिहप्रो कन्सोर्टियम ऑफ प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
महिला किसानों के लिए डिजिटल और डेटा आधारित खेती को बढ़ावा
एमओयू के तहत खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक और तथ्यपरक जानकारी के आधार पर खेती करने में सक्षम बनाना है। साथ ही क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज को अपनाकर बदलते मौसम की चुनौतियों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यूपी-बिहार की महिला किसान मिलकर करेंगी क्षमता निर्माण
इस समझौते के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार की महिला किसान संयुक्त रूप से कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम चलाएंगी। प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नवाचार के जरिए महिलाओं को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा, जिससे वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और उद्यम आधारित खेती की ओर अग्रसर हो सकें।
ग्रामीण महिलाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में महिला किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत महिला किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री को मिलेगा संगठित और पारदर्शी स्वरूप
एमओयू के तहत कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था विकसित की जाएगी। महिला किसान संगठनों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ ही मूल्य संवर्धन और क्षमता निर्माण से जुड़ी योजनाओं पर भी संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
- डिजिटल तकनीक और डेटा आधारित खेती को बढ़ावा
- क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज पर जोर
- महिला किसानों के लिए उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर
इस अवसर पर हुए समझौते पर बिहप्रो कन्सोर्टियम के अध्यक्ष राजकुमार राज और भूस्वामिनी की अध्यक्ष मंजू देवी ने हस्ताक्षर किए। डिजिटल खेती, जलवायु अनुकूल कृषि और उद्यमिता के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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