बलरामपुर, कमर खान | वेब वार्ता
जनपद बलरामपुर में सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एआरटीओ कार्यालय परिसर में आयोजित समापन समारोह के माध्यम से सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति सजग करना रहा।
विद्यालयी बच्चों ने भाषण व प्रस्तुतियों से दिया सड़क सुरक्षा का मजबूत संदेश
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं सम्मानित
“जीवन अनमोल है, यातायात नियमों का पालन करें” — जिलाधिकारी
ब्लैक स्पॉट सुधार से सड़क सुरक्षा को मिली मजबूती
विद्यालयी बच्चों ने दिया सशक्त संदेश
समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सड़क सुरक्षा विषय पर प्रभावशाली भाषण एवं प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की आत्मविश्वासपूर्ण और सारगर्भित प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया और यातायात नियमों के पालन का संदेश मजबूती से रखा।
प्रतियोगिता विजेता छात्र-छात्राएं सम्मानित
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा सड़क सुरक्षा थीम पर आयोजित चित्रकला, वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
“जीवन अनमोल है” — डीएम
अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि “जीवन अनमोल है, यातायात नियमों का पालन कर हम न केवल स्वयं को बल्कि दूसरों के जीवन को भी सुरक्षित रखते हैं।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट एवं चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
ब्लैक स्पॉट सुधार से बढ़ी सड़क सुरक्षा
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के उद्देश्य से दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद को दुर्घटना-मुक्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
समारोह में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
जनजागरूकता के उद्देश्य से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को मौके पर हेलमेट वितरित किए गए और भविष्य में अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की गई।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एआरटीओ, 51 यूपी एनसीसी बटालियन के सीओ, सूबेदार सहित लगभग 50 एनसीसी कैडेट्स एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
समापन समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सामूहिक सहभागिता से ही सुरक्षित यातायात और दुर्घटना-मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
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