झांसी, वेब डेस्क | वेब वार्ता
अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती पर पर्यटन अनुभव को नई ऊंचाई देने की दिशा में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक अभिनव पहल की है। झांसी में आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 150 से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को ‘हेरिटेज एम्बेसडर’ के रूप में तैयार किया गया है। अब ये चालक केवल यातायात सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि पर्यटकों को सफर के दौरान बुंदेलखंड की वीर गाथाएं, ऐतिहासिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराएंगे।
पर्यटन अनुभव को मानवीय स्पर्श देने की पहल
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 28-29 जनवरी 2026 को झांसी में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय परिवहन से जुड़े चालकों को पर्यटन व्यवस्था की मुख्य कड़ी बनाना है। प्रशिक्षण एमकेआईटीएम (MKITM) के सहयोग से राही टूरिस्ट बंगला, झांसी में संपन्न हुआ। इसके अंतर्गत चालकों को स्टोरीटेलिंग, शिष्टाचार, प्राथमिक उपचार और डिजिटल भुगतान जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाए गए।
‘अतिथि देवो भवः’ के मूल मंत्र पर आधारित प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्रों में एमकेआईटीएम के स्टोरी टेलर गौरव श्रीवास्तव ने चालकों को यह बताया कि किस प्रकार ऐतिहासिक तथ्यों, लोक कथाओं और मानवीय संवेदनाओं को जोड़कर पर्यटकों की साधारण यात्रा को यादगार अनुभव में बदला जा सकता है। चालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे यात्रा के दौरान झांसी के किले, रानी महल, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और रानी लक्ष्मीबाई की वीरता से जुड़ी जानकारी सहज भाषा में साझा करें।
डिजिटल भुगतान और प्राथमिक उपचार पर विशेष जोर
डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चालकों को ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में पर्यटकों की सहायता के लिए प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले चालकों ने इसे न केवल आजीविका बढ़ाने वाला, बल्कि आत्मसम्मान से जुड़ा कदम बताया।
झांसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या
| वर्ष | पर्यटकों की संख्या | महत्व |
|---|---|---|
| 2025 | 1.34 करोड़+ | पर्यटन संभावनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि |
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि झांसी में वर्ष 2025 के दौरान 1.34 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जो बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्यटन के उज्ज्वल भविष्य की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
बुंदेलखंड को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीति
मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, झांसी, महोबा, बांदा, ललितपुर, हमीरपुर सहित बुंदेलखंड के प्रमुख स्थलों का सुनियोजित पर्यटन विकास किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर प्रदर्शित झांकी का बुंदेलखंड थीम पर आधारित होना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निष्कर्ष
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को ‘हेरिटेज एम्बेसडर’ के रूप में तैयार करने की यह पहल न केवल पर्यटन अनुभव को समृद्ध बनाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों को सम्मानजनक आजीविका से भी जोड़ेगी। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ यह प्रयोग बुंदेलखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
👉 पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी ऐसी अहम खबरों के लिए Web Varta WhatsApp चैनल फॉलो करें
ये भी पढ़ें: राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने बापू को किया नमन, जीपीओ पार्क में दी श्रद्धांजलि








