Sunday, February 1, 2026
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कुशीनगर में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का शुभारम्भ, 13 फरवरी तक चलेगा कुष्ठ पखवाड़ा

कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता

कुष्ठ रोग को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने, समय पर पहचान और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कुशीनगर जिले में शुक्रवार को स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का शुभारम्भ किया गया। यह अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक कुष्ठ पखवाड़ा के रूप में संचालित किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दी जागरूकता की जानकारी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश ने अभियान के शुभारम्भ अवसर पर कहा कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही पूर्व जन्मों का पाप, बल्कि यह एक सामान्य बीमारी है, जिसका समय रहते इलाज संभव है। उन्होंने बताया कि यदि रोग की पहचान और उपचार में देरी होती है, तो यह दिव्यांगता का कारण बन सकता है।

महात्मा गांधी को दी गई श्रद्धांजलि

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। साथ ही जिलाधिकारी का संदेश उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को पढ़कर सुनाया गया।

शपथ व संदेश के साथ अभियान की शुरुआत

भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें” थीम के अंतर्गत जनपद के समस्त स्वास्थ्य संस्थानों एवं सरकारी कार्यालयों में जनजागरूकता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान “रोग से घृणा करें, रोगी से नहीं” का संदेश दिया गया।

कुष्ठ रोग को लेकर भ्रांतियां और सच्चाई

जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि समाज में आज भी कुष्ठ रोग को लेकर अनेक भ्रांतियां व्याप्त हैं, जैसे इसे वंशानुगत, अनैतिक आचरण, अशुद्ध रक्त, गलत खान-पान या पूर्व जन्म के कर्मों से जोड़ना। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी धारणाएं गलत हैं और इन्हें दूर करने के लिए यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण

जिला कुष्ठ परामर्शदाता डॉ. विनोद कुमार मिश्र ने कुष्ठ रोग के लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

  • त्वचा पर हल्के रंग के सुन्न दाग-धब्बे
  • दागों पर पसीना न आना
  • हाथ-पैर की नसों में मोटापन या सूजन
  • झनझनाहट या तलवों में सुन्नता
  • हाथ-पैर और उंगलियों में टेढ़ापन
  • चेहरे, शरीर या कान पर गांठें

कुष्ठ रोग के प्रकार व उपचार अवधि

कुष्ठ रोग का प्रकारलक्षणों की स्थितिउपचार अवधि
पॉसी बेसिलरी (PB)5 या कम दाग, नसें प्रभावित नहीं6 माह
मल्टी बेसिलरी (MB)5 से अधिक दाग, नसें प्रभावित12 माह

निःशुल्क उपचार व प्रोत्साहन योजनाएं

उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का सम्पूर्ण उपचार सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही रोगियों और आशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन राशि की भी व्यवस्था है।

विवरणप्रोत्साहन/सुविधा
नए कुष्ठ रोगी की पहचान₹250 (आशा कार्यकर्ता)
दिव्यांग रोगी की पहचान₹200
PB रोगी को 6 माह दवा₹400
MB रोगी को 12 माह दवा₹600
कुष्ठ दिव्यांग पेंशन₹3000 प्रतिमाह

जनपद में चिन्हित कुष्ठ रोगियों की स्थिति

वित्तीय वर्ष 2025-26कुल रोगीPBMB
अप्रैल–दिसंबर 20251245272

निष्कर्ष

स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज में कुष्ठ रोग को लेकर फैली गलत धारणाओं को समाप्त करना और लोगों को समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना है। यदि कुष्ठ रोग की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए, तो न केवल दिव्यांगता से बचा जा सकता है, बल्कि रोगी सामान्य जीवन भी जी सकता है।

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