कुशीनगर में कन्या जन्मोत्सव: 21 नवजात बेटियों का उत्सव, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का संदेश

कुशीनगर, ममत तिवारी | वेब वार्ता

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शुक्रवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय, रविन्द्रनगर धूस के सभागार में “कन्या जन्मोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीते तीन दिनों में जन्मी नवजात कन्याओं का केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया और उनके अभिभावकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

संयुक्त जिला चिकित्सालय में हुआ आयोजन

कार्यक्रम में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप, जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुवचन्द्र त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी ए.के. दूबे एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुश्री अलंकृता की उपस्थिति रही। अतिथियों ने नवजात कन्याओं और उनकी माताओं को शुभकामनाएं देते हुए बेटियों के महत्व पर प्रकाश डाला।

नवजात कन्याओं को दिए गए उपहार

विवरणसंख्या / सामग्री
सम्मानित नवजात कन्याएं21
प्रदान किए गए उपहारमिष्ठान, अंगवस्त्र, बेबी किट, हल्दी पैकेट, गुड़िया, चॉकलेट

बेटियां समाज और राष्ट्र की आधारशिला

जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुवचन्द्र त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां किसी पर बोझ नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति का मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बालिकाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

कन्या सुमंगला सहित योजनाओं की दी जानकारी

जिला मिशन समन्वयक नलिन सिंह ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ दिलाएं।

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
  • स्पॉन्सरशिप योजना
  • मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
  • चाइल्ड हेल्पलाइन – 1098
  • वन स्टॉप सेंटर – 181
  • वूमेन हेल्पलाइन – 1090
  • आपातकालीन सेवाएं – 112, 108, 102

आवेदन व दस्तावेजों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान नवजात कन्याओं की माताओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी गई और पात्र बालिकाओं के आवेदन पत्र भरने के लिए प्रेरित किया गया। महिला कल्याण विभाग द्वारा संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए।

शपथ के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम का समापन बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाकर किया गया। इस दौरान स्टाफ नर्स राजेश्वरी, प्रीति सिंह, बंदना कुशवाहा, जेंडर स्पेशलिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ता एवं नवजात कन्याओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

कुशीनगर में आयोजित कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम ने समाज को यह संदेश दिया कि बेटियों का जन्म उत्सव का विषय है। ऐसे आयोजन न केवल बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

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