गोंडा, अजय कुमार | वेब वार्ता
देवीपाटन मंडल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए आईजी अमित पाठक ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। वाहन दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में अवैध लाभ लेने और विवेचनाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में एक इंस्पेक्टर सहित 12 उपनिरीक्षकों (सब इंस्पेक्टर) को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 3 अन्य उपनिरीक्षकों के खिलाफ जांच अभी जारी है।
एसआईटी जांच में उजागर हुआ भ्रष्टाचार
आईजी के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने देवीपाटन मंडल के विभिन्न जनपदों में वाहन दुर्घटना मामलों की विवेचनाओं की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामलों में लाभ लिया और नियमों के विपरीत कार्य किए।
जनपदवार निलंबित पुलिसकर्मियों का विवरण
| जनपद | निलंबित पुलिसकर्मी | स्थिति |
|---|---|---|
| गोंडा | 2 | सस्पेंड |
| श्रावस्ती | 3 | सस्पेंड |
| बहराइच | 8 | जांच में दोषी |
| देवीपाटन मंडल | 3 | जांच जारी |
वाहन दुर्घटना मामलों में अवैध लाभ का आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित पुलिसकर्मियों पर वाहन दुर्घटना से जुड़े मामलों में अनुचित लाभ लेने और विवेचना को प्रभावित करने के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। आईजी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जा रही है।
तीन पुलिसकर्मियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
एसआईटी की जांच में तीन उपनिरीक्षकों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिन पर अभी अंतिम निर्णय शेष है। जांच पूरी होने के बाद इनके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
आईजी का सख्त संदेश
आईजी अमित पाठक ने साफ शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस की छवि और आमजन के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
देवीपाटन मंडल में की गई यह कार्रवाई पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के रक्षक भी कानून से ऊपर नहीं हैं और दोष सिद्ध होने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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