हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
खुशियों से भरा एक आंगन पलक झपकते ही मातम में बदल गया। हरदोई जनपद में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां खेलते समय एक छोटे से गुब्बारे के कारण आठ माह के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे थाना परिसर और कस्बे को गहरे शोक में डुबो गया।
थाना परिसर के सरकारी आवास में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पाली थाने में तैनात कोर्ट पैरोकार सिपाही टीटू अपने परिवार के साथ थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। शुक्रवार की सुबह सिपाही टीटू डाक लेकर हरदोई गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी सुषमा, भांजी और आठ माह का बेटा सूर्यांश मौजूद था।
खेलते-खेलते मासूम के गले में फंसा गुब्बारा
घर में खेलते समय सूर्यांश एक छोटे गुब्बारे से खेल रहा था। खेलते-खेलते वह गुब्बारा उसके मुंह में चला गया और सांस की नली में फंस गया। अचानक सांस रुकने से मासूम बेहोश हो गया। शुरुआत में मां ने उसे सोता हुआ समझा, लेकिन जब बच्चे के शरीर में झटके आए तो परिजनों के होश उड़ गए।
अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित
घबराई मां बच्चे को गोद में लेकर तुरंत पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंची, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। बाद में चिकित्सकीय जांच के दौरान बच्चे के गले से फूला हुआ गुब्बारा निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बेटे की मौत की खबर कुछ समय तक मां से छिपाई गई। वह बार-बार अपने बच्चे को देखने की जिद करती रही और बिलखती रही। जब सिपाही पिता को सूचना मिली तो वे भी स्तब्ध रह गए। एक ऐसा सिपाही, जो रोज दूसरों की सुरक्षा में तैनात रहता है, वह अपने ही बच्चे को नहीं बचा सका—यह सोच पूरे परिसर को झकझोर गई।
घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मृतक | सूर्यांश (आयु: 8 माह) |
| घटना स्थल | थाना पाली परिसर, हरदोई |
| कारण | गुब्बारा गले में फंसने से सांस रुकना |
| पिता | सिपाही टीटू (कोर्ट पैरोकार) |
| अस्पताल | पाली पीएचसी |
पूरे कस्बे में शोक की लहर
इस हृदयविदारक घटना से पूरा थाना परिसर और कस्बा गहरे शोक में डूबा हुआ है। पुलिसकर्मी, स्थानीय लोग और परिचित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। मासूम की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
मासूम बच्चों के लिए चेतावनी
यह हादसा एक कठोर लेकिन जरूरी चेतावनी भी है। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों के लिए गुब्बारे, छोटे खिलौने और प्लास्टिक की वस्तुएं बेहद खतरनाक हो सकती हैं। जरा सी लापरवाही मासूम जिंदगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
निष्कर्ष
हरदोई की यह दर्दनाक घटना यह याद दिलाती है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। एक छोटा सा गुब्बारा पूरे परिवार की खुशियां छीन ले गया। यह हादसा समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चों के आसपास हर वस्तु पर विशेष सतर्कता बरतना अनिवार्य है।
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