हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जनपद के शाहाबाद ब्लॉक मुख्यालय में इन दिनों भय, तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्राम प्रधान द्वारा एक पंचायत सचिव के साथ सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद ब्लॉक के सभी सचिवों में भारी नाराजगी है। सचिवों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक कार्य बहिष्कार करेंगे।
सार्वजनिक रूप से सचिव को दी गई धमकी
गुरुवार को ग्राम पंचायत फिरोजपुर खुर्द के प्रधान विवेक पांडे द्वारा पंचायत सचिव हर्षित सिंह के साथ सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद ब्लॉक के अन्य सचिवों में असुरक्षा की भावना और अधिक गहराती जा रही है।
वीडियो वायरल, फिर भी कार्रवाई शून्य
29 जनवरी को हुई गाली-गलौज की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। सचिवों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व भी 11 नवंबर 2025 को इसी प्रधान द्वारा सचिव के साथ अभद्र भाषा और धमकी देने का मामला सामने आया था, जिस पर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अब तक की घटनाओं का संक्षिप्त विवरण
| तिथि | घटना | स्थिति |
|---|---|---|
| 11 नवंबर 2025 | सचिव से अभद्र भाषा व धमकी | एफआईआर दर्ज, कार्रवाई नहीं |
| 29 जनवरी 2026 | सार्वजनिक गाली-गलौज, वीडियो वायरल | कोई ठोस कार्रवाई नहीं |
एफआईआर के बाद भी क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
सचिवों का आरोप है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद शाहाबाद कोतवाली पुलिस ने प्रधान को न तो तलब किया और न ही कोई सख्त कदम उठाया। इससे आरोपी प्रधान के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप
सचिवों का मानना है कि संबंधित ग्राम प्रधान को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। लगातार हो रही गाली-गलौज और धमकियों के बावजूद चुप्पी साधे रखना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं तो कार्य बहिष्कार
शुक्रवार को शाहाबाद ब्लॉक मुख्यालय पर सभी सचिवों की बैठक हुई, जिसमें बीडीओ को 24 घंटे का अल्टीमेटम सौंपा गया। सचिवों ने स्पष्ट कहा कि यदि इस अवधि में:
- सचिव हर्षित सिंह का अन्यत्र तबादला नहीं किया गया
- सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई
- प्रधान के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई
तो सभी सचिव सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
निष्कर्ष
शाहाबाद ब्लॉक में उत्पन्न यह स्थिति केवल एक कर्मचारी से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि समय रहते निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार करता है या समय रहते हालात पर काबू पाता है।
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