देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। गुरुवार को सीएमओ कार्यालय स्थित धन्वंतरि सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में नगरीय ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग के समन्वय से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) और एमआर टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के निर्देश दिए गए।
अभियानों की तिथि और दायरा
| अभियान | तिथि | लक्षित आयु/वर्ग |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (NDD) | 10 फरवरी | 1–19 वर्ष के सभी बच्चे |
| मॉप-अप राउंड | 13 फरवरी तक | दवा से वंचित बच्चे |
| एमआर टीकाकरण अभियान | 16–27 फरवरी | कक्षा 1 से 5 तक के बच्चे |
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि एनडीडी अभियान के अंतर्गत 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाना अनिवार्य है, ताकि कृमि संक्रमण से होने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
एल्बेंडाजोल की खुराक और सेवन के निर्देश
| आयु वर्ग | खुराक | सेवन का तरीका |
|---|---|---|
| 1–2 वर्ष | 400 मि.ग्रा. की आधी गोली | चबाकर/पीसकर पानी के साथ |
| 2–19 वर्ष | 400 मि.ग्रा. की पूरी गोली | चबाकर या पानी के साथ |
- दवा खाली पेट नहीं खिलानी है
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/शिक्षक की उपस्थिति में सेवन
- घर ले जाकर खाने के लिए नहीं दी जाएगी
सीएमओ ने बताया कि 1–6 वर्ष के पंजीकृत व गैर-पंजीकृत बच्चों, ईंट-भट्टों पर कार्यरत श्रमिकों के बच्चों और घुमंतू लाभार्थियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से दवा दी जाएगी, जबकि 6–19 वर्ष के बच्चों को सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों और मदरसों में शिक्षकों द्वारा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी।
कृमि संक्रमण के लक्षण और रोकथाम
कृमि संक्रमण से दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख न लगना जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। बच्चों में कृमियों की संख्या जितनी अधिक होगी, लक्षण उतने ही गंभीर होंगे। हल्के संक्रमण में कई बार कोई लक्षण नहीं दिखते, इसलिए निवारक दवा अत्यंत आवश्यक है।
एमआर टीकाकरण अभियान: 16–27 फरवरी
एमआर (मीजल्स-रूबेला) टीकाकरण अभियान के तहत 16 से 27 फरवरी तक जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा, ताकि खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों से प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिन्हा, अरबन नोडल अधिकारी डॉ. आर.पी. यादव, डीसीपीएम राजेश गुप्ता, एआरओ राकेश चंद, डीएचईओ एल.बी. चौधरी सहित सीफार के जिला प्रतिनिधि नीरज, जेएसआई के जिला प्रतिनिधि अभिनय कुशवाहा, स्टाफ नर्स और एएनएम उपस्थित रहीं।
निष्कर्ष
देवरिया में एनडीडी और एमआर टीकाकरण अभियान बच्चों के समग्र स्वास्थ्य की दिशा में निर्णायक कदम हैं। विभागीय समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन से इन अभियानों की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जा सकती है।
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