नोएडा, एनसीआर डेस्क | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के नोएडा प्राधिकरण में 28 जनवरी 2026 को सीईओ के आदेश से बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ, जिसमें अधिकारियों की नई वर्क-डिस्ट्रीब्यूशन लिस्ट जारी की गई। यह व्यवस्था तुरंत लागू हो गई है, जिसमें आरटीआई, मीडिया, भूमि, बिल्डर-हाउसिंग, ट्रैफिक, जन शिकायत और प्रवर्तन विभागों की जिम्मेदारियां बदली गईं। बदलाव का उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तेजी और दक्षता लाना है, जो नोएडा की तेजी से बढ़ती आबादी और विकास परियोजनाओं के बीच आवश्यक है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम जनता की शिकायतों का त्वरित निपटारा और भूमि-निर्माण संबंधी मुद्दों को सुगम बनाएगा।
नई वर्क-डिस्ट्रीब्यूशन का विस्तृत विवरण
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने अधिकारियों की जिम्मेदारियों में व्यापक फेरबदल किया है। आरटीआई सेक्शन अब नए अधिकारी के पास होगा, जो सूचना के अधिकार से जुड़ी शिकायतों का तेज निपटारा सुनिश्चित करेगा। मीडिया सेल की जिम्मेदारी भी बदली गई है, ताकि प्रचार और जनसंपर्क अधिक प्रभावी हो। भूमि विभाग में बदलाव से भूमि अधिग्रहण और आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, जबकि बिल्डर-हाउसिंग विभाग में नए अधिकारी अवैध निर्माण और आवासीय शिकायतों पर फोकस करेंगे।
ट्रैफिक विभाग में फेरबदल से यातायात जाम और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जन शिकायत सेल को मजबूत करने से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, और प्रवर्तन विभाग में बदलाव से नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित होगा। सीईओ के आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था तुरंत प्रभावी है, जो प्राधिकरण के 1.5 लाख एकड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देगी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और प्रभाव
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने कहा कि यह बदलाव कार्यक्षमता बढ़ाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए आवश्यक है। अधिकारियों ने जिम्मेदारियों की अदला-बदली से नई ऊर्जा का दावा किया। जनता के लिए इसका असर सकारात्मक होगा, क्योंकि शिकायत निपटान में देरी कम होगी। प्राधिकरण ने कहा कि यह कदम नोएडा को स्मार्ट सिटी बनाने के लक्ष्य को मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा फेरबदल नोएडा जैसे औद्योगिक हब में विकास को गति देगा, लेकिन कार्यान्वयन पर नजर रखनी होगी।
- आरटीआई विभाग: सूचना अधिकार शिकायतों का तेज निपटारा।
- मीडिया सेल: जनसंपर्क और प्रचार में सुधार।
- भूमि विभाग: अधिग्रहण और आवंटन में पारदर्शिता।
- ट्रैफिक: यातायात जाम और सुरक्षा पर फोकस।
- जन शिकायत: नागरिक समस्याओं का त्वरित समाधान।
- प्रवर्तन: नियमों का कड़ाई से पालन।
भविष्य की कार्रवाई और जनता के लिए संदेश
प्राधिकरण ने कहा कि नई व्यवस्था के प्रभाव की समीक्षा नियमित की जाएगी। जनता से अपील है कि शिकायतें तुरंत दर्ज करें। भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जिम्मेदारियों का ट्रैकिंग होगा। जनता के लिए संदेश है कि पारदर्शिता से विकास तेज होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा बदलाव नोएडा के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा।
निष्कर्ष
नोएडा प्राधिकरण में प्रशासनिक फेरबदल विकास कार्यों को गति और पारदर्शिता देने का महत्वपूर्ण कदम है। यह बदलाव लोकतांत्रिक मूल्यों और जनकल्याण को मजबूत करता है, जहां जन शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित होगा। प्राधिकरण की यह पहल नोएडा को स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित करेगी, जो सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में योगदान देगी।
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