नई दिल्ली | वेब वार्ता
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ भारत की राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और गौरव का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने यह विचार सोमवार शाम लाल किला परिसर में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘भारत पर्व–2026’ के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।
वंदे मातरम के 150 वर्ष: ऐतिहासिक अवसर
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष का भारत पर्व विशेष रूप से ऐतिहासिक है, क्योंकि देश राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वें गौरवशाली वर्ष का उत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र नहीं रहा, बल्कि यह आज भी देश की आत्मा, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतिनिधित्व करता है।
कलाकारों, शिल्पकारों और किसानों को समर्पित महोत्सव
ओम बिरला ने ‘भारत पर्व’ को उन कलाकारों, शिल्पकारों और किसानों को समर्पित बताया, जो सदियों पुरानी भारतीय विरासत, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में दिखाई देने वाली विविधता केवल दृश्यात्मक नहीं, बल्कि भारतीयता के गहरे सार को अभिव्यक्त करती है।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत पर्व यह दर्शाता है कि किस प्रकार परंपरा और आधुनिक तकनीक एक-दूसरे के साथ मिलकर विकसित भारत की मजबूत नींव रख रही हैं। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि भारत की समावेशी और बहुआयामी पहचान का भी उत्सव है।
सरकार की सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की प्रतिबद्धता
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत पर्व सरकार की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उसे आधुनिक आकांक्षाओं से जोड़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन देश की विविध सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारत पर्व–2026 की प्रमुख झलकियां
| आकर्षण | विवरण |
|---|---|
| गणतंत्र दिवस झांकियां | 41 भव्य झांकियों का प्रदर्शन |
| सांस्कृतिक कार्यक्रम | 48 प्रस्तुतियां (राज्य, संगीत नाटक अकादमी व प्रसिद्ध कलाकार) |
| सशस्त्र बल प्रस्तुतियां | 22 विशेष कार्यक्रम |
| हस्तशिल्प स्टॉल | 102 स्टॉल (हथकरघा व हस्तशिल्प) |
| फूड कोर्ट | 60 स्टॉल – विभिन्न राज्यों के व्यंजन |
| पर्यटन व मंत्रालय स्टॉल | 34 राज्य पर्यटन मंडप, 24 केंद्रीय मंत्रालय |
पर्यटकों और आम जनता के लिए विशेष आयोजन
भारत पर्व अपनी भव्यता और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पर्यटन मंत्रालय ने इस आयोजन को ‘जनभागीदारी’ की भावना से जोड़ते हुए आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा है।
देखने का समय और अवधि
आम नागरिक 27 से 31 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक लाल किला परिसर में आयोजित भारत पर्व–2026 का आनंद ले सकते हैं।
निष्कर्ष
‘भारत पर्व–2026’ न केवल एक सांस्कृतिक महोत्सव है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और जनभागीदारी का जीवंत प्रतीक भी है। वंदे मातरम के 150वें वर्ष के अवसर पर आयोजित यह आयोजन भारत की विविधता में एकता के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है।
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