गाजियाबाद | वेब वार्ता
गाजियाबाद में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास को मजबूती देने के उद्देश्य से “हरित–स्वच्छ गाजियाबाद अभियान” का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह अभियान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग के जिला प्रमुख अधिकारी रजनीश गर्ग के नेतृत्व में शुरू हुआ है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल प्रशासनिक पहल तक सीमित न रखते हुए जनसहभागिता आधारित आंदोलन का रूप देना है।
क्यों जरूरी हुआ यह अभियान
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि गाजियाबाद वर्तमान में वायु प्रदूषण, ठोस कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और हरित आवरण की कमी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या दबाव के कारण पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हुआ है। इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है, ताकि नागरिकों की भागीदारी से स्थायी समाधान सुनिश्चित किए जा सकें।
नागरिक संवाद और नेतृत्व का संदेश
कार्यक्रम के दौरान जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के पदाधिकारियों ने रजनीश गर्ग से संवाद किया। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता और हरियाली केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि आज प्रकृति की रक्षा की जाएगी, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य मिल सकेगा।
12 माह की चरणबद्ध कार्ययोजना
| क्षेत्र | मुख्य लक्ष्य |
|---|---|
| हरित आवरण | एक लाख पौधों का रोपण (स्थानीय प्रजातियों पर जोर) |
| स्वच्छता | घर-घर कचरा पृथक्करण, वार्ड स्तर पर खाद इकाइयां |
| प्लास्टिक नियंत्रण | चयनित क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त घोषित करना |
| वायु गुणवत्ता | प्रमुख स्थलों पर AQI बोर्ड, धूल नियंत्रण मानक |
| जल संरक्षण | वर्षा जल संचयन, पुराने जल स्रोतों का पुनर्जीवन |
शिक्षा और तकनीक की भूमिका
अभियान के अंतर्गत “हरित विद्यालय, हरित महाविद्यालय” पहल शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही एक डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जहां सभी योजनाओं की प्रगति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी। नागरिकों के लिए ऑनलाइन फीडबैक और शिकायत प्रणाली भी शुरू की जाएगी।
सांस्कृतिक प्रस्तुति से जुड़ा भावनात्मक संदेश
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण एक प्रेरणादायक गीत रहा, जिसमें स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति ने विशेष रूप से युवाओं को अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
साझेदारी से बनेगा अभियान मजबूत
आयोग ने स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थानों, उद्योग संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आवासीय कल्याण संघों के साथ सहयोग की घोषणा की है। अधिकारियों का मानना है कि बहु-स्तरीय सहभागिता से यह अभियान दीर्घकालिक और परिणामोन्मुख सिद्ध होगा।
निष्कर्ष
“हरित–स्वच्छ गाजियाबाद अभियान” न केवल पर्यावरणीय सुधार की पहल है, बल्कि जिम्मेदार नागरिक जीवनशैली की ओर एक सामूहिक कदम भी है। प्रशासन का लक्ष्य गाजियाबाद को पर्यावरणीय प्रशासन और जनसहभागिता का आदर्श मॉडल बनाना है। कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश स्पष्ट रहा कि स्वच्छ और हरित गाजियाबाद प्रशासन का नहीं, बल्कि नागरिकों की साझी भागीदारी से साकार होने वाला लक्ष्य है।
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