Tuesday, January 27, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

गणतंत्र दिवस परेड में विपक्ष का जानबूझकर अपमान किया गया: खरगे का सरकार पर आरोप

नई दिल्ली | वेब वार्ता

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गणतंत्र दिवस परेड के दौरान विपक्ष को जानबूझकर अपमानित किया गया। उन्होंने दावा किया कि संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—के विपक्षी नेताओं को तीसरी पंक्ति में बैठाकर सरकार ने संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है।

बैठक व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार ने न केवल विपक्ष बल्कि संविधान और कांग्रेस का भी अपमान किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर किस आधार पर वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में तीसरी पंक्ति में बैठाया गया।

“कैबिनेट रैंक के बावजूद तीसरी पंक्ति”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “मैं वरिष्ठतम नेताओं में से एक हूं। मेरे और राहुल गांधी के पास कैबिनेट मंत्री का दर्जा है, इसके बावजूद हमें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया, जहां राज्य मंत्री स्तर के लोग और बच्चे बैठे थे।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें अपने सचिवों के माध्यम से बैठने की जगह तलाशनी पड़ी और बाद में पास का इंतजाम कराया गया।

संविधान और विपक्ष के अपमान का आरोप

श्री खरगे ने आरोप लगाया कि जो लोग संविधान की बात करते हैं, वही लोग व्यवहार में उसका अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष के साथ ऐसा व्यवहार किया गया हो, बल्कि यह सरकार की लगातार अपनाई जा रही नीति का हिस्सा है।

राष्ट्रपति भवन विवाद पर राहुल गांधी का बचाव

राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि स्वागत समारोह के दौरान राहुल गांधी ने पारंपरिक उत्तर-पूर्वी पटका पहना था और भोजन के समय उसे मोड़कर रख दिया गया, जिसे बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है।

भाजपा पर चुनावी राजनीति का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ऐसे मुद्दों को केवल चुनावी लाभ के लिए उछालती है। उनका कहना था कि भाजपा की हमेशा कोशिश रहती है कि कांग्रेस और राहुल गांधी को किसी न किसी बहाने बदनाम किया जाए, जबकि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

भारत जोड़ो न्याय यात्रा का उल्लेख

खरगे ने याद दिलाया कि राहुल गांधी ने उत्तर-पूर्व से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ की शुरुआत की थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर नहीं गए। उन्होंने कहा कि ऐसे में भाजपा नेताओं को कांग्रेस पर आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

निष्कर्ष

गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर विपक्षी नेताओं की बैठक व्यवस्था को लेकर उठे इस विवाद ने संवैधानिक शिष्टाचार और राजनीतिक मर्यादा पर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे आयोजनों में लोकतांत्रिक संतुलन और सम्मान बना रहे।

👉 राजनीति और संसद से जुड़ी विश्वसनीय खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: दिल्ली: UGC Bill के विरोध में सवर्ण आर्मी का प्रदर्शन, आईटीओ स्थित कार्यालय के बाहर दिया धरना

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img