लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संविधान, पर्यावरण और वर्तमान राजनीतिक हालात को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने एक ओर प्रदेश और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं, वहीं दूसरी ओर देश की नदियों में बढ़ते प्रदूषण और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि “कुछ लोग जागते हुए भी मदहोश रहते हैं।”
गणतंत्र दिवस पर संविधान के संकल्प की अपील
अखिलेश यादव ने कहा, “मैं आप सभी को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन हर नागरिक को उस संविधान का संकल्प लेना चाहिए, जो हमें सही रास्ता दिखाता है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को देश की मजबूती का आधार बताते हुए कहा कि उसी के अनुरूप देश को चलाने की आवश्यकता है।
नदियों के प्रदूषण पर जताई गंभीर चिंता
सपा अध्यक्ष ने पर्यावरण और जल प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 70 नदियां प्रदूषण के मामले में अलार्मिंग स्थिति में हैं। उन्होंने दावा किया कि नदियों के पानी में यूरेनियम जैसे खतरनाक तत्व पाए जा रहे हैं, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बेहद चिंताजनक है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सोचिए, हमारी सरकार को यह तक पता नहीं है कि हमारे पानी में क्या-क्या है।” उन्होंने कहा कि यह स्थिति नीति निर्धारण और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
सीएम योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “12 बजे सोकर उठने वाले बबुआ” वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “कुछ लोग नींद से तो जाग जाते हैं, लेकिन होश में नहीं आते। उनकी आंखें दिन भर बंद रहती हैं। ऐसे लोग जागते हुए भी मदहोश रहते हैं।”
अखिलेश यादव ने कहा कि इस तरह के बयान असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, महंगाई, बेरोजगारी और पर्यावरण जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए अनावश्यक बयानबाजी की जा रही है।
शंकराचार्य विवाद और व्यंग्यात्मक टिप्पणी
अखिलेश यादव ने माघ मेले से जुड़े शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उन्होंने सतुआ बाबा और बथुआ बाबा के बारे में सुना है और इस मौसम में बथुआ का ही समय है। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपील की कि विज्ञापनों के माध्यम से जनता को गुमराह करने के प्रयासों से सतर्क रहें।
अखिलेश यादव के प्रमुख बयान
| मुद्दा | बयान |
|---|---|
| गणतंत्र दिवस | संविधान के संकल्प और बाबा साहब के विचारों पर चलने की अपील |
| नदी प्रदूषण | लगभग 70 नदियां अलार्मिंग स्थिति में |
| जल गुणवत्ता | नदियों में यूरेनियम जैसे तत्व होने का दावा |
| सीएम पर हमला | “कुछ लोग जागते हुए भी मदहोश रहते हैं” |
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस के अवसर पर अखिलेश यादव का यह बयान संविधान, पर्यावरण और सियासी टकराव के मुद्दों को केंद्र में रखता है। एक ओर वे संविधान और बाबा साहब के विचारों को मजबूत करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार पर जल प्रदूषण और जनहित के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हैं। यह बयान आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में सियासी गर्माहट और बढ़ने के संकेत दे रहा है।
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