सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेबवार्ता
सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील से लोकतंत्र को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां वोटर लिस्ट में कथित छेड़छाड़ कर जाति बदलने और मताधिकार खत्म करने की साजिश का आरोप लगा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
अहीर मतदाताओं को ब्राह्मण दिखाने का आरोप
मामला राजस्व ग्राम पंचायत सोनहटी का है, जहां पीड़ितों का आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते अहीर जाति के करीब 10 मतदाताओं को वोटर लिस्ट में ब्राह्मण दर्शा दिया गया। आरोप है कि नामों के आगे जबरन ‘पांडे’ उपनाम जोड़ दिया गया, जिससे उनके वोट कटवाने की साजिश रची गई।
प्रशासनिक सांठगांठ का आरोप
पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि पोखरा कानून-गो निवासी प्रिंस पांडे ने तहसील के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर यह हेरफेर कराई। आरोप है कि वह खुद को डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह का करीबी बताता है और पहले भी विवादों में रह चुका है।
पीड़ित ने हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी
पीड़ित सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे इस पूरे मामले को हाईकोर्ट तक लेकर जाएंगे। उन्होंने इसे सिर्फ वोट कटवाने की साजिश नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
प्रशासन कैमरे पर चुप
जब इस मामले में उप जिलाधिकारी डुमरियागंज से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
आने वाले चुनावों को देखते हुए यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें प्रशासन और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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