नई दिल्ली | वेब वार्ता
अमेरिका से जुड़ी एक खबर सामने आने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। इस खबर के बाद अडानी ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप एक ही दिन में 1.1 लाख करोड़ रुपये घट गया। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब अडानी ग्रुप की ओर से आधिकारिक सफाई भी सामने आ गई है।
US SEC से जुड़ी रिपोर्ट्स के बाद हिला बाजार
अडानी पावर, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन एनर्जी सहित ग्रुप की प्रमुख कंपनियों ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर अपना पक्ष रखा।
इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि यूनाइटेड स्टेट्स सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (US SEC) अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को कानूनी समन भेजने के लिए अमेरिकी अदालत से अनुमति मांग रहा है।
कंपनी ने क्या दी सफाई?
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में अडानी ग्रुप की कंपनियों ने साफ कहा कि उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं और न ही ग्रुप किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई में शामिल है। कंपनियों ने 21 नवंबर 2024 को दी गई अपनी पिछली सफाई को भी दोहराया।
उस समय भी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद इसी तरह की अटकलें सामने आई थीं, जिन्हें अडानी ग्रुप ने पूरी तरह निराधार बताया था। ग्रुप का कहना है कि वह हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करता आया है।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
ब्लूमबर्ग की पिछली रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए अडानी ग्रुप की कंपनियों ने सरकारी अधिकारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये रिश्वत देने की योजना बनाई थी। हालांकि, उस समय भी अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को खारिज किया था।
इन खबरों का असर उस वक्त अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों पर पड़ा था, जिनमें करीब 19 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरबपति कारोबारी गौतम अडानी, सागर अडानी समेत कुल 8 लोगों पर भारत में रिन्युएबल एनर्जी प्रोजेक्ट हासिल करने के लिए कथित धोखाधड़ी का आरोप है।
आरोप है कि पहले अमेरिकी निवेशकों और बैंकों से गलत जानकारी देकर फंड जुटाया गया और बाद में इस पैसे का इस्तेमाल कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की योजना में किया गया। यह राशि करीब 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2,029 करोड़ रुपये) बताई गई है।
कोर्ट और FCPA का जिक्र
यह मामला 24 अक्टूबर 2024 को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में दर्ज हुआ था। चार्जशीट में इसे अमेरिका के Foreign Corrupt Practices Act (FCPA) के उल्लंघन से जोड़ा गया।
हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में रिश्वत देने की योजना का जिक्र तो है, लेकिन रिश्वत वास्तव में दी गई या नहीं—इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इस मामले में 20 नवंबर 2024 को सुनवाई भी हो चुकी है।
शेयरों में भारी गिरावट
अमेरिका से आई खबरों के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर करीब 11% टूटे, अडानी ग्रीन एनर्जी में 14.6% और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा अंबुजा सीमेंट, ACC और अडानी टोटल गैस के शेयरों में भी गिरावट आई। इस भारी बिकवाली के चलते ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 12.45 लाख करोड़ रुपये रह गया।
निवेशक अलर्ट मोड पर
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अडानी ग्रुप से जुड़ी अमेरिकी जांच की खबरों पर निवेशक लगातार नजर बनाए हुए हैं। किसी भी नई जानकारी का सीधा असर शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है।
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