लखनऊ, मौसम डेस्क | वेब वार्ता
UP Weather Alert:
उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के लिए अगले 48 से 72 घंटों का विशेष अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम में इस अचानक बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि रबी फसलों का यह बेहद संवेदनशील समय माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। इसके साथ ही तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड एक बार फिर लोगों को सताने लगेगी।
🌧️ क्यों बदल रहा है उत्तर प्रदेश का मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसका असर उत्तर प्रदेश तक पहुंचने लगा है। इस सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है, जिससे बादलों का जमाव हो रहा है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि के हालात बन सकते हैं।
IMD का कहना है कि यह मौसमी सिस्टम खास तौर पर जनवरी के आखिरी सप्ताह में अधिक प्रभावी रहेगा। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ सकती है, जबकि दिन में हल्की धूप निकलने की संभावना बनी रहेगी।
📍 इन जिलों में ज्यादा असर की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जिन जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का ज्यादा खतरा बताया गया है, उनमें शामिल हैं:
- लखनऊ
- कानपुर
- प्रयागराज
- वाराणसी
- गोरखपुर
- आगरा
- मेरठ
- बरेली
इन जिलों के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों और खुले में खड़े वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है।
🌡️ तापमान में कितनी गिरावट आएगी?
IMD और मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान में भी हल्की कमी देखने को मिलेगी। इससे सुबह और देर रात के समय ठंड का असर और ज्यादा महसूस होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में भले ही हल्की धूप निकल आए, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण लोगों को ठिठुरन महसूस होगी। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
🌾 किसानों के लिए क्यों अहम है यह मौसम अलर्ट?
उत्तर प्रदेश में इस समय रबी फसलों का अहम चरण चल रहा है। गेहूं, सरसों, चना और मटर जैसी फसलें खेतों में तैयार अवस्था में हैं। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
- ओलावृष्टि से गेहूं की बालियों को नुकसान पहुंच सकता है
- सरसों और चना की फसल पर बारिश का प्रतिकूल असर
- कटाई और थ्रेसिंग कार्य में देरी
- खेतों में जलभराव की समस्या
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, कटाई योग्य फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और आवश्यकता न होने पर सिंचाई से बचें।
⚠️ IMD की एडवाइजरी: क्या करें, क्या न करें
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- खुले में रखी फसलों और सामान को ढककर रखें
- तेज हवाओं और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें
- बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
- मौसम से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें
🔍 आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव जनवरी के आखिरी सप्ताह तक बना रह सकता है। फरवरी की शुरुआत में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने और तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, तब तक प्रदेश के लोगों को बारिश और ठंड दोनों के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक मौसम अपडेट देखते रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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