नई दिल्ली, एविएशन डेस्क | वेब वार्ता
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की सख्त कार्रवाई के बाद देशभर के घरेलू हवाई अड्डों पर 700 से अधिक स्लॉट छोड़ दिए हैं। यह फैसला दिसंबर 2025 में हुई भारी उड़ान अव्यवस्था और DGCA द्वारा विंटर शेड्यूल में कटौती के निर्देशों के बाद लिया गया है।
दिसंबर की अव्यवस्था बनी कार्रवाई की वजह
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू हवाई अड्डों पर 700+ स्लॉट छोड़े।
यह फैसला DGCA की सख्ती के बाद आया। दिसंबर में कोहरे व अव्यवस्था के कारण 3 लाख+ यात्री प्रभावित हुए थे।#IndiGo #DGCA #AviationNews #Webvartahttps://t.co/mwp5aQz1AI— Webvarta News Agency (@webvarta) January 24, 2026
दिसंबर की शुरुआत में 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की उड़ानों में भारी अव्यवस्था देखने को मिली थी। इस दौरान एयरलाइन की करीब 2,507 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स तय समय से देरी से संचालित हुईं। घंटों एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों की संख्या तीन लाख से अधिक बताई गई थी। यात्रियों की इस परेशानी को गंभीरता से लेते हुए DGCA ने इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
DGCA के निर्देश पर विंटर शेड्यूल में 10% कटौती
DGCA ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती के आदेश दिए थे। इसके तहत एयरलाइन को कई उड़ानें अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं। इसी क्रम में इंडिगो ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को कुल 717 स्लॉट की सूची सौंपी है, जिन्हें उसने जनवरी से मार्च 2026 की अवधि के लिए छोड़ने का निर्णय लिया है।
मेट्रो शहरों के एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा असर
इंडिगो द्वारा छोड़े गए स्लॉट्स का सबसे ज्यादा असर देश के प्रमुख महानगरों के एयरपोर्ट्स पर पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह बड़े एयरपोर्ट्स पर करीब 364 स्लॉट खाली किए गए हैं। इनमें बेंगलुरु और हैदराबाद में सबसे अधिक कटौती देखने को मिली है।
दूसरी एयरलाइंस के लिए खुला अवसर
यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के उद्देश्य से नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अन्य एयरलाइनों से इन खाली स्लॉट्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई एयरलाइंस को स्लॉट आवंटन इस शर्त पर किया जाएगा कि वे अपने मौजूदा रूट बंद न करें, जिससे यात्रियों की कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।
- इंडिगो ने DGCA की कार्रवाई के बाद 717 स्लॉट छोड़े
- दिसंबर में 2,507 उड़ानें रद्द, 1,852 में देरी
- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद सहित 6 मेट्रो एयरपोर्ट प्रभावित
- दूसरी एयरलाइनों के लिए स्लॉट हासिल करने का मौका
विशेषज्ञों का मानना है कि DGCA की यह कार्रवाई एयरलाइंस को परिचालन अनुशासन और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि अन्य एयरलाइंस इन स्लॉट्स का किस तरह उपयोग करती हैं और इसका यात्रियों पर क्या असर पड़ता है।
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