Tuesday, January 27, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

बलरामपुर में एनएचएम के तहत स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार परिवर्तन प्रशिक्षण

बलरामपुर, कमर खान | वेब वार्ता

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत बलरामपुर जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए व्यवहार परिवर्तन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील, सहयोगात्मक और मानवीय व्यवहार अपनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर हुआ आयोजन

यह कार्यशाला जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के निर्देश पर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय डॉ. सुमन दत्त गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाना और सेवा प्रदायगी में सकारात्मक बदलाव लाना रहा।

विशेषज्ञ प्रशिक्षिकाओं ने दिया व्यवहारिक प्रशिक्षण

कार्यशाला में स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, लखनऊ से आईं अनुभवी प्रशिक्षिकाएं डॉ. वृंदा फ्रे एवं मीनाक्षी श्री ने प्रतिभागियों को व्यवहार परिवर्तन, प्रभावी संवाद कौशल, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण के महत्व पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षिकाओं ने व्यवहारिक उदाहरणों, संवाद अभ्यास और केस स्टडी के माध्यम से समझाया कि सकारात्मक और सहयोगात्मक व्यवहार से मरीजों की संतुष्टि बढ़ती है, उपचार प्रक्रिया सुगम होती है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आता है।

मरीजों से मधुर व्यवहार पर विशेष फोकस

प्रशिक्षण के दौरान यह बताया गया कि मरीजों के साथ धैर्यपूर्ण संवाद, सम्मानजनक व्यवहार और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने से न केवल मरीजों का भरोसा बढ़ता है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावशीलता भी मजबूत होती है। स्वास्थ्य कर्मियों को सेवा भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

विभिन्न चिकित्सा इकाइयों के कर्मचारियों की सहभागिता

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला महिला चिकित्सालय, जिला मेमोरियल चिकित्सालय एवं जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों के साथ-साथ फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और व्यवहार परिवर्तन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सक्रिय चर्चा की।

  • स्वास्थ्य कर्मियों को व्यवहार परिवर्तन का प्रशिक्षण
  • प्रभावी संवाद और संवेदनशीलता पर जोर
  • मरीज संतुष्टि और सेवा गुणवत्ता सुधार का लक्ष्य
  • चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की सक्रिय सहभागिता

स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवहार की भूमिका अहम: डीएम

इस अवसर पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि सेवा प्रदाता सकारात्मक, सहयोगात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो इससे न केवल मरीजों की संतुष्टि बढ़ती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली पर जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।

कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला, डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, विनोद त्रिपाठी, रुचि पाण्डेय, अनामिका सिंह, वसीम अहमद, सिद्धार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल को अपने दैनिक कार्य व्यवहार में अपनाएं, ताकि बलरामपुर जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक मानवीय, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बन सकें।

📲 स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़ी खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: बलरामपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों ने दिया वर–वधुओं को आशीर्वाद

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img