Monday, January 26, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

ASMC ललितपुर में बसंत पंचमी का आयोजन भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न

ललितपुर, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता

स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (ASMC ललितपुर) में 23 जनवरी 2026 को ज्ञान, विद्या और कला की अधिष्ठात्री देवी माता सरस्वती की आराधना के पावन पर्व बसंत पंचमी का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया गया। पूरे महाविद्यालय परिसर में भक्तिमय और सांस्कृतिक वातावरण व्याप्त रहा।

संकाय और विद्यार्थियों ने की माता सरस्वती की पूजा

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मयंक शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गजेंद्र सिंह, उप प्राचार्य डॉ. श्रुति सिंह सहित सभी संकाय सदस्य, अधिकारीगण और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। माता सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित कर सभी ने ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

संकाय सदस्यों की उपस्थिति ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा

कार्यक्रम में माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मधुरेंद्र सिंह राजपूत, डॉ. रवि पचौरी, डॉ. एम. सी. गुप्ता, डॉ. विशाल जैन, डॉ. रजनी रत्माले, डॉ. आकृति यादव, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ. मोहित जैन, डॉ. शिखा जैन, डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. अभिजात कुलश्रेष्ठ, डॉ. रविकांत वर्मा, डॉ. दिव्या स्वामी, डॉ. प्रियांका गुबरेल्ले, डॉ. मनोज कुमार और डॉ. के.के. मिश्रा सहित अन्य अध्यापकगण उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों ने मांगी सफलता की कामना

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने उज्ज्वल भविष्य और शैक्षणिक सफलता के लिए माता सरस्वती से प्रार्थना की। महाविद्यालय परिसर में भक्ति गीतों और सरस्वती वंदना के साथ सकारात्मक और प्रेरणादायी वातावरण का सृजन हुआ।

संस्थान में शिक्षा और संस्कृति का सुंदर संगम

कार्यक्रम का समापन भक्ति और उल्लास से भरे माहौल में हुआ। इस अवसर ने महाविद्यालय में शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के समन्वय को और सशक्त बनाया। आयोजन ने विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और एकजुटता की भावना को प्रोत्साहित किया।

  • ASMC ललितपुर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई बसंत पंचमी।
  • संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने की देवी सरस्वती की पूजा।
  • ज्ञान, संस्कृति और शिक्षा के समन्वय का सुंदर उदाहरण।

निष्कर्ष: सरस्वती पूजन से सजी आस्था की अनोखी छटा

बसंत पंचमी के इस आयोजन ने ASMC ललितपुर परिसर को भक्ति, ज्ञान और उल्लास की अनुभूति से भर दिया। यह दिवस न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच संस्कार, एकता और प्रेरणा का संदेश भी लेकर आया।

📲 ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें:

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest

More articles