सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर, 22 जनवरी 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त श्री राकेश कुमार ने की, जबकि कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) गौरव श्रीवास्तव सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 का मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अधिनियम एवं सूचना का अधिकार नियमावली-2015 का भली-भांति अध्ययन करने का आह्वान किया, जो उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
सटीक और अभिलेखित सूचना देना आवश्यक
राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि आरटीआई के अंतर्गत केवल वही सूचना प्रदान की जा सकती है जो संबंधित कार्यालय के अभिलेखों में उपलब्ध हो। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुमान या काल्पनिक जानकारी देने से बचा जाए। साथ ही, सूचना उपलब्ध कराने की पूर्ण जिम्मेदारी जन सूचना अधिकारी (PIO) की होगी। प्रत्येक कार्यालय में आरटीआई रजिस्टर का विधिवत संधारण किया जाए और आवेदन प्राप्ति की तिथि से 30 दिनों के भीतर सूचना रजिस्टर्ड डाक से भेजी जाए।
- सूचना समय पर उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग द्वारा नोटिस या अर्थदंड की कार्यवाही की जा सकती है।
- यदि सूचना संबंधित विभाग में उपलब्ध न हो तो उसे 5 दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय को अग्रेषित किया जाए।
- अधिनियम में छूट प्राप्त सूचनाओं की स्थिति में विवेकपूर्ण निर्णय लेकर कार्यवाही की जाए।
जन सूचना अधिकारियों से विवेकपूर्ण निर्णय की अपील
श्री कुमार ने कहा कि व्यक्तिगत सूचनाओं के मामलों में जन सूचना अधिकारी को विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए ताकि न तो गोपनीयता भंग हो और न ही अधिनियम की भावना प्रभावित हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरटीआई का उद्देश्य केवल सूचना उपलब्ध कराना नहीं बल्कि शासन की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नागरिकों की सूचना संबंधी मांगों को गंभीरता से लें और निर्धारित समयसीमा का पालन करें।
प्रशिक्षण में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कमल किशोर, उपजिलाधिकारी बांसी विवेक राय, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं नगर पालिका/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सूचना के अधिकार अधिनियम से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की और अपने प्रश्न भी रखे।
निष्कर्ष: पारदर्शिता ही सुशासन की कुंजी
राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने कहा कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुशासन की पहचान है। आरटीआई अधिनियम-2005 इसी उद्देश्य को साकार करता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारी अधिनियम की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए जनता को समयबद्ध, सटीक और विश्वसनीय सूचना उपलब्ध कराएंगे, जिससे जनविश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।
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