Monday, January 26, 2026
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श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ पर अखंड रामायण पाठ, हवन और भव्य भंडारे का आयोजन

सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेब वार्ता

डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के पावन अवसर पर शाहपुर स्थित हिन्दू भवन में धर्म रक्षा मंच के तत्वावधान में अखंड रामायण पाठ, हवन, पूर्णाहुति और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का अनूठा संगम बना रहा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

पूजन और हवन के साथ हुई शुरुआत

बुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ धर्म रक्षा मंच के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह की उपस्थिति में हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पंडितों ने पूजन की शुरुआत की। गुरुवार की सुबह विशेष पूजा और हवन के पश्चात पूर्णाहुति सम्पन्न कर सामूहिक आरती की गई। इस दौरान पूरे परिसर में “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजते रहे और वातावरण भक्तिमय बना रहा।

भक्तों की भारी भीड़ में हुआ राम नाम भोज

पूर्णाहुति के बाद सुबह 11 बजे से राम-राम भोज के रूप में प्रसाद वितरण का शुभारंभ हुआ, जो श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच शाम 4 बजे तक चलता रहा। हजारों लोगों ने इस अन्नकूट भंडारे में भाग लेकर प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति, प्रेम और उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।

  • पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा — “अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है और अब यह सम्पूर्ण राष्ट्र की आस्था का केंद्र बन चुकी है।”
  • उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर की द्वितीय वर्षगांठ रामराज्य और विकसित भारत की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम है।
  • कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भी भक्ति और राष्ट्र चेतना के इस समन्वय को अद्भुत बताया।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की स्मृतियाँ फिर हुईं ताज़ा

राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने वर्ष 2024 में हुई श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक घड़ी को स्मरण किया और बताया कि 20 जनवरी 2024 को डुमरियागंज से निकली जनपद स्तरीय उत्सव यात्रा में 11 रथों पर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमाओं का भव्य स्वागत हुआ था। उस यात्रा ने पूरे जिले में रामभक्ति और राष्ट्रभावना का अभूतपूर्व माहौल बनाया था।

आस्था और एकता का प्रतीक आयोजन

इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए द्वितीय वर्षगांठ पर अखंड रामायण पाठ, हवन, पूर्णाहुति और भव्य भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, रामकुमार कुंवर, हरिशंकर सिंह, धर्मराज वर्मा, मधुसूदन अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने इसे “श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्र चेतना का उत्सव” बताया।

निष्कर्ष: रामभक्ति से राष्ट्रभावना तक

श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ का यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आस्था और राष्ट्रनिर्माण के आदर्श का प्रतीक बन गया। सिद्धार्थनगर के इस भव्य कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राम केवल अयोध्या के नहीं, पूरे भारत के हृदय में विराजमान हैं और उनके नाम से ही एकजुटता, समर्पण और विकास की भावना जाग्रत होती है।

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