नई दिल्ली | वेब वार्ता
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी 2026 का पर्व इस वर्ष 23 जनवरी को मनाया जाएगा। यह दिन ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की कृपा से बच्चों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है। विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए यह दिन बेहद शुभ और फलदायी माना गया है। आइए जानते हैं कुछ आसान बसंत पंचमी के उपाय, जिनसे शिक्षा और कला के क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
🌼 1. मां सरस्वती की विधिवत पूजा करें
बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान कर बच्चे पीले वस्त्र पहनें और मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें। इस दौरान “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। बच्चों से सरस्वती वंदना या भजन गवाएं, इससे मन की एकाग्रता और अध्ययन की रुचि बढ़ती है। माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा बच्चों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश भर देती है।
💛 2. पीले रंग का विशेष महत्व
बसंत पंचमी का प्रमुख रंग पीला होता है, जो सूर्य की तेजस्विता, ऊर्जा और बुद्धि का प्रतीक है। इस दिन बच्चों को पीले वस्त्र पहनाना शुभ माना जाता है। घर के भोजन में भी पीले रंग के व्यंजन जैसे — केसरिया खीर, चना दाल, बेसन लड्डू या हल्दी वाला दूध शामिल करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाता है, जिससे शिक्षा में प्रगति होती है।
📚 3. किताब-कॉपी और पेन की पूजा
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के चरणों में किताबें, कॉपियां और पेन अर्पित करें। ऐसा करने से पढ़ाई में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और बच्चों में ज्ञान अर्जन की क्षमता बढ़ती है। इससे यह भी सिखाया जाता है कि ज्ञान के साधनों का हमेशा आदर करना चाहिए। शाम को इन वस्तुओं को पुनः उपयोग में लाने से पहले “जय मां सरस्वती” कहकर प्रणाम करें।
✍️ 4. लेखन की शुभ शुरुआत करें
वसंत पंचमी को बच्चों के लिए पहली बार अक्षर लिखना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे ‘विद्यारंभ संस्कार’ कहा जाता है। छोटे बच्चों से इस दिन “अ”, “क”, “श्री गणेशाय नमः” या “ॐ” लिखवाएं। बड़े विद्यार्थी इस दिन किसी नई किताब या विषय की शुरुआत कर सकते हैं। इससे शिक्षा में सफलता और जीवन में स्थिरता के योग बनते हैं।
🙏 5. मां सरस्वती के प्रिय भोग अर्पित करें
मां सरस्वती को खीर, मालपुआ, गुड़-चना और हल्के पीले फूल अर्पित करें। पूजा में केसर, हल्दी और सफेद वस्त्र का प्रयोग करें। इससे देवी प्रसन्न होकर ज्ञान, बुद्धि और वाणी की शक्ति प्रदान करती हैं। दिनभर स्वच्छ विचार रखें और दूसरों को भी शिक्षा का महत्व बताएं।
🌸 बसंत पंचमी का महत्व
बसंत पंचमी केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं बल्कि प्रकृति के जागरण और नई ऊर्जा के आरंभ का प्रतीक भी है। इस दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है और धरती पीले फूलों से सज जाती है। विद्यार्थी, कलाकार और संगीत प्रेमी मां सरस्वती से अपने क्षेत्र में उन्नति और प्रेरणा की कामना करते हैं।
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