ललितपुर, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
असम की सांस्कृतिक राजधानी गुवाहाटी में आयोजित शिल्पग्राम महोत्सव 2026 के मंच पर बुंदेलखंड की लोक कला ने अपनी विशेष छाप छोड़ी। “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करते हुए ललितपुर के मोहिनी ग्रुप ने बुंदेली लोक नृत्य और गीतों की ऐसी प्रभावशाली प्रस्तुति दी कि दर्शक दीर्घा में मौजूद गणमान्य अतिथि मंत्रमुग्ध हो उठे।
राज्यपाल ने की सराहना, कलाकारों को मिला सम्मान
पूर्वोत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (NEZCC) के पंजाबाड़ी स्थित शिल्पग्राम परिसर में आयोजित “कलर्स ऑफ इंडिया” कार्यक्रम में मणिपुर एवं नागालैंड के माननीय राज्यपाल अजय कुमार भल्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पूरी प्रस्तुति को गंभीरता से देखा और भारत की सांस्कृतिक एकता को दर्शाने वाली बुंदेली कला की खुले मन से सराहना की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर राज्यपाल महोदय ने मोहिनी ग्रुप सहित अन्य कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की यह माटी और कला राष्ट्रीय एकता की सशक्त प्रतीक है।
बुंदेली लोक नृत्य और गीतों ने बांधा समां
ललितपुर से आए मोहिनी ग्रुप के कलाकारों ने बुंदेलखंड के पारंपरिक लोक नृत्यों और लोकगीतों की जीवंत प्रस्तुति देकर पूरे शिल्पग्राम परिसर को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। रंग-बिरंगी बुंदेली वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों की थाप और भावपूर्ण नृत्य मुद्राओं ने दर्शकों को बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
कुशल निर्देशन में सजी भव्य कोरियोग्राफिक प्रस्तुति
इस वृहद सांस्कृतिक कार्यक्रम का निर्देशन संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता एवं NEZCC दीमापुर के निदेशक डॉ. प्रसन्न गोगोई ने किया। शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्यों के समन्वय ने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की अवधारणा को जीवंत रूप प्रदान किया।
उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर बढ़ाया गौरव
मोहिनी ग्रुप के संयोजक जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में कलाकारों ने 18 से 20 जनवरी 2026 तक गुवाहाटी में रहकर प्रस्तुतियां दीं। दल में मोहिनी, रितिका, दीपिका, स्वाति, स्मृति, कशिश, करण, जीवन, बलराम सहित अन्य कलाकार शामिल रहे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की लोक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।
- शिल्पग्राम महोत्सव 2026 में बुंदेली लोक कला की भव्य प्रस्तुति
- राज्यपाल अजय कुमार भल्ला द्वारा कलाकारों का सम्मान
- पूर्वोत्तर भारत में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत
शिल्पग्राम महोत्सव में मोहिनी ग्रुप की प्रस्तुति ने यह साबित किया कि बुंदेलखंड की लोक कला आज भी भारत की सांस्कृतिक धरोहर की मजबूत पहचान है और विविधता में एकता का संदेश देती है।




