Monday, January 26, 2026
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सनातन धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक, अगली सहस्त्राब्दी में भारत के वैभव का डंका बजेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सोनीपत, रजनीकांत चौधरी | वेब वार्ता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक हैं। भारत की मजबूती से सनातन धर्म सशक्त होगा और सनातन धर्म की शक्ति से विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ जो कदम उठाए जा रहे हैं, उनसे भारत के वैभवशाली इतिहास का डंका अगली सहस्त्राब्दी तक पूरी दुनिया में बजेगा।

नाथ संप्रदाय के आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल स्थित बाबा नागे धाम में आयोजित श्री सिद्ध बाबा महंत बुधनाथ जी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह एवं आठ मान भंडारे में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने बाल योगी मसाण जी महाराज को महंत के रूप में गद्दीनशीन भी किया। देशभर से आए नाथ संप्रदाय के हजारों योगीवीर, पीठाधीश्वर, संत एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म की व्यापक भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सनातन धर्म केवल उपासना नहीं, जीवन पद्धति है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म केवल उपासना की विधि नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली एक व्यापक संस्कृति है। आठवीं से उन्नीसवीं शताब्दी तक विदेशी आक्रांताओं के आक्रमणों और गुलामी के दौर में भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को भारी क्षति पहुंची, लेकिन इसके बावजूद सनातन परंपरा जीवंत बनी रही। आज आवश्यकता है कि इस सांस्कृतिक चेतना को नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंचाया जाए।

गुरु-परंपरा और नाथ पंथ की भूमिका

मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए पीठाधीश्वर बाबा बालक नाथ जी महाराज एवं श्रीमंत बालयोगी मसाणनाथ जी महाराज को बधाई देते हुए कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा भाव से आयोजित यह कार्यक्रम समाज को संस्कार, सेवा और समरसता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि नाथ पंथ भारत की प्राचीनतम साधना परंपराओं में से एक है, जिसने सदियों से योग, साधना, सेवा और अनुशासन के माध्यम से समाज को दिशा दी है।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का भव्य विकास और प्रयागराज में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व सहभागिता भारत के सांस्कृतिक वैभव के सशक्त प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि कभी अकल्पनीय माने जाने वाले कार्य आज संभव हो रहे हैं, जो मजबूत राजनीतिक नेतृत्व, संत समाज के आशीर्वाद और जनभागीदारी का परिणाम है।

युवाओं को नशा मुक्त समाज का आह्वान

मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशा मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है और यह युवा पीढ़ी को खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि देश के शत्रु प्रत्यक्ष युद्ध में सफल नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए युवाओं को नशे के जाल में फंसाने की साजिशें की जा रही हैं। ऐसे में संत समाज और नागरिकों को मिलकर नशे के विरुद्ध व्यापक जन-जागरण अभियान चलाना चाहिए।

पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नदियों और तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि देवतुल्य नदियों की अविरलता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। प्लास्टिक मुक्त समाज और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।

  • सनातन धर्म और राष्ट्र को बताया एक-दूसरे का पूरक
  • सांस्कृतिक पुनर्जागरण में संत समाज की भूमिका पर बल
  • युवाओं से नशा मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान
  • पर्यावरण और जल संरक्षण को बताया सामूहिक दायित्व

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, राजस्थान के तिजारा से विधायक बाबा बालकनाथ, राई विधायक कृष्णा गहलावत सहित अनेक मंत्री, विधायक, संत-महात्मा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने नाथ संप्रदाय की परंपराओं को समाज को जोड़ने वाली शक्ति बताया और राष्ट्र, धर्म व मानवता के कल्याण की कामना की।

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