नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
भारत सरकार ने बांग्लादेश में तैनात अपने राजनयिकों के परिवारों को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाने का निर्णय लिया है। यह कदम ढाका सहित कई शहरों में हालिया राजनीतिक तनाव और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के बीच उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने “एहतियाती सुरक्षा उपाय” के तहत यह फैसला किया है।
विदेश मंत्रालय का एहतियाती कदम
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि हाल के हफ्तों में ढाका और चिटगांव सहित कई इलाकों में विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। इन घटनाओं को देखते हुए राजनयिक मिशन में तैनात भारतीय अधिकारियों के परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। मंत्रालय ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि “सभी परिवारजन अगली सूचना तक भारत लौट आएं और केवल आवश्यक राजनयिक स्टाफ ही अपने पदों पर रहें।”
हालांकि, मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश में भारत का राजनयिक मिशन सामान्य रूप से कार्य करता रहेगा और राजनयिक गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कदम केवल एक अस्थायी सुरक्षा उपाय के रूप में उठाया गया है।
ढाका में बिगड़ा माहौल, विरोध प्रदर्शन तेज
हाल के दिनों में बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य अत्यधिक तनावपूर्ण बना हुआ है। विपक्षी दलों द्वारा सरकार विरोधी आंदोलनों और सुरक्षा बलों से झड़पों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। विशेष रूप से ढाका में विदेशी दूतावासों के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई है। भारत के अलावा कई अन्य देशों ने भी अपने राजनयिक कर्मियों के लिए सुरक्षा परामर्श (Security Advisory) जारी किया है।
भारतीय मिशन की निगरानी बढ़ी
ढाका में भारतीय उच्चायोग और चिटगांव स्थित उप-मिशन में सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस और बांग्लादेश सुरक्षा एजेंसियां भी भारतीय राजनयिक परिसरों की निगरानी में सहयोग कर रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई है।”
- भारत ने बांग्लादेश में तैनात राजनयिकों के परिवारों को सुरक्षा कारणों से वापस बुलाया।
- ढाका और अन्य शहरों में राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन जारी।
- राजनयिक मिशन सामान्य रूप से काम करता रहेगा, केवल एहतियाती कदम उठाया गया।
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का यह कदम न केवल सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक संदेशात्मक कार्रवाई भी है कि बांग्लादेश में स्थिति को लेकर नई दिल्ली सतर्क है। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने पर परिवारों की वापसी पर पुनर्विचार किया जा सकता है।





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