सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर: जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से बुद्धा कॉम्प्लेक्स पुलिस लाइन में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रशान्त कुमार प्रसाद ने की। गोष्ठी में जिले के सभी प्रमुख बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया और साइबर सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
साइबर अपराध पर प्रभावी रोकथाम को लेकर साझा रणनीति
एएसपी प्रशान्त कुमार प्रसाद ने कहा कि बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और बैंकों के बीच त्वरित सूचना साझेदारी और प्रभावी समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने बैंक शाखाओं में सीसीटीवी कैमरे, अलार्म सिस्टम और सुरक्षा उपायों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैंकों से मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत
एएसपी ने कहा कि बैंक साइबर अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी फर्जी खाते (मनी म्यूल) की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। साथ ही, साइबर अपराध से संबंधित होल्ड की गई राशि या न्यायालय के आदेशों से जुड़ी प्रक्रियाओं का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए, ताकि आम जनता को साइबर ठगी से बचाया जा सके।
जनजागरूकता पर भी दिया गया जोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के बैंकों द्वारा पुलिस के साथ मिलकर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी वेबसाइट, ओटीपी शेयरिंग, केवाईसी फ्रॉड और फेक लोन ऑफर जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। एएसपी ने कहा कि “रोकथाम ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है।” बैंकिंग नेटवर्क की पारदर्शिता और सतर्कता ही साइबर ठगी रोकने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है।
- एएसपी प्रशान्त कुमार प्रसाद की अध्यक्षता में साइबर फ्रॉड पर समीक्षा बैठक।
- बैंक मैनेजरों को संदिग्ध लेन-देन की त्वरित सूचना देने के निर्देश।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 के प्रचार-प्रसार पर जोर।
- जनजागरूकता अभियानों में पुलिस–बैंक साझेदारी का निर्णय।
बैठक के अंत में सभी बैंक प्रबंधकों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिले को साइबर फ्रॉड मुक्त बनाने के लिए पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वय और संवाद की प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा। एएसपी ने उपस्थित सभी अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह गोष्ठी जनपद को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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