इस्कॉन लखनऊ में “गीता रसामृतम” महोत्सव का भव्य शुभारंभ, भक्तों ने लिया आध्यात्मिक आनंद

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन), सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ द्वारा दो दिवसीय दिव्य एवं भव्य गीता ज्ञान महोत्सव “गीता रसामृतम” का आयोजन विंट क्लब, शहीद पथ, लखनऊ में किया गया। इस आयोजन में भक्तों ने भगवद्गीता के अमृत ज्ञान का श्रवण किया और आध्यात्मिक आनंद में सराबोर हो उठे।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया दीप प्रज्वलन

महोत्सव के प्रथम दिवस का शुभारंभ इस्कॉन लखनऊ मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभुजी एवं उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर हरिनाम संकीर्तन और मुकुंदा रॉक बैंड की भव्य आध्यात्मिक प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित भक्त झूम उठे और आनंद के सागर में डूब गए।

गीता का ज्ञान: जीवन में आनंद का मार्ग

अपने प्रवचन में अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने कहा कि संसार में अधिकांश लोग अपनी पहचान नाम, प्रसिद्धि और शरीर से करते हैं, जबकि वास्तव में हम भगवान के अंश – जीवात्मा हैं। उन्होंने कहा कि शरीर से मिलने वाला सुख क्षणिक है, स्थायी नहीं। “सच्चा आनंद वह है जो निरंतर बढ़ता जाए और वह केवल आध्यात्मिक जीवन में ही संभव है।” उन्होंने बताया कि स्थायी सुख की प्राप्ति के लिए आध्यात्मिक ज्ञान आवश्यक है, क्योंकि बिना ज्ञान के कोई व्यक्ति आध्यात्मिक जीवन को सही विधि से नहीं अपना सकता।

64 दिनों की भक्ति वृक्ष कक्षाओं का भी होगा आयोजन

इस्कॉन अध्यक्ष ने कहा कि ज्ञान तभी फलदायी होता है जब उसे क्रमबद्ध रूप में ग्रहण किया जाए। इसी परंपरा के अंतर्गत दो दिवसीय “गीता रसामृतम” महोत्सव के पश्चात 64 दिनों की भक्ति वृक्ष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन कक्षाओं में भक्तों को व्यवस्थित रूप से आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान की जाएगी, जिससे वे श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को जीवन में उतार सकें और भक्ति मार्ग पर अग्रसर हों।

भक्तों ने लिया भजन-कीर्तन और प्रसाद का आनंद

श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान महोत्सव में लखनऊ और आसपास के जिलों से आए सैकड़ों गणमान्य भक्त शामिल हुए। सभी भक्तों ने श्रीकृष्ण भजन, कीर्तन, नृत्य और दिव्य प्रसाद का आनंद लिया। आयोजन के समापन पर मंदिर प्रबंधन ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य “हर घर में गीता का ज्ञान पहुंचाना और धूल खा रही गीता को फिर से जीवन का मार्गदर्शक बनाना” है।

निष्कर्ष: गीता ज्ञान से आध्यात्मिक पुनर्जागरण

“गीता रसामृतम” महोत्सव ने श्रद्धालुओं को न केवल भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों से जोड़ा, बल्कि जीवन के गहरे आध्यात्मिक अर्थ को भी उजागर किया। इस्कॉन लखनऊ की यह पहल समाज में गीता के पुनर्जागरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

👉 हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: लखनऊ नगर निगम का कड़ा एक्शन: गृह कर बकायेदारों पर सीलिंग-कुर्की, SBI ने चुकाए 21.59 लाख, सरोज इंस्टीट्यूट का खाता सीज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles