काशी, वेब वार्ता ब्यूरो | वेब वार्ता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि “मंदिरों को तोड़े जाने का जो प्रचार किया जा रहा है, वह सरासर झूठ है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी में मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर सोशल मीडिया पर एआई-जनरेटेड वीडियो के माध्यम से भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाट के पुनर्विकास में पौराणिक महत्व और धार्मिक परंपराओं को छेड़े बिना कार्य किया जा रहा है।
सीएम योगी बोले – झूठ के जरिए विकास रोकने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि “जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी कुछ लोगों ने साजिशें रची थीं। मूर्तियों के वर्कशॉप से टूटे हुए टुकड़ों को सोशल मीडिया पर वायरल करके यह झूठ फैलाया गया कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अब वही तत्व मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि काशी के समग्र विकास की परियोजनाएं सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा को संरक्षित करते हुए चलाई जा रही हैं।
“काशी अविनाशी है, पीएम मोदी ने कहा था – मेरी काशी”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी की आत्मा अमर है। “यह हमारा सौभाग्य है कि देश की संसद में काशी का प्रतिनिधित्व स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं और वे कहते हैं – ‘मेरी काशी’। उन्होंने हमेशा कहा कि काशी की प्राचीन काया को संरक्षित रखते हुए इसे नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाए। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप काशी के पुनर्विकास के कार्य किए जा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ भौतिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।
देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ का योगदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन औसतन पांच से पच्चीस हजार श्रद्धालु आते थे, जबकि अब यह संख्या सवा लाख से डेढ़ लाख तक पहुंच गई है। विशेष अवसरों पर यह संख्या दस लाख तक हो जाती है। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ धाम बनने के बाद से अब तक काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
“मंदिर तोड़े नहीं गए, पुनरुद्धार हुआ”
कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “कांग्रेस ने उस समय भी झूठ फैलाया था कि मंदिर तोड़े गए, जबकि वास्तविकता यह है कि मंदिरों का पुनरुद्धार किया गया था। जो मंदिर पहले जर्जर हालत में थे, अब उनका सौंदर्यीकरण और संरक्षण हुआ है।”
मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को लेकर कांग्रेस से सवाल
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि माता अन्नपूर्णा की मूर्ति सौ वर्ष पहले चोरी होकर यूरोप पहुंच गई थी। “प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से वह मूर्ति वापस आई और काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित की गई। 1947 से 2014 तक केंद्र में कांग्रेस की सरकारें रहीं, तो उन्होंने यह प्रयास क्यों नहीं किया?” सीएम ने कहा कि कांग्रेस में विरासत के प्रति सम्मान का अभाव था और तुष्टीकरण की राजनीति में उन्होंने भारत की आस्था और परंपरा का अपमान किया।
“सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” – सीएम योगी का तंज
मुख्यमंत्री ने कहा, “विरासत का सम्मान कांग्रेस से सीखने की आवश्यकता नहीं है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम और प्रयागराज सहित सभी तीर्थस्थलों के विकास कार्य प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संपन्न हो रहे हैं।” कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा — “सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। जिन्होंने सदैव भारत की आस्था और विरासत का अपमान किया, वही अब विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं।”
निष्कर्ष: विकास और विरासत साथ-साथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह स्पष्ट संदेश है कि काशी का विकास विरासत के सम्मान के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हमारे विकास कार्य केवल भौतिक नहीं हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना के संवर्धन के प्रतीक हैं।” मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास से काशी की धार्मिक महिमा और सांस्कृतिक पहचान और प्रबल होगी।




