गैसड़ी, क़मर खान | वेब वार्ता
बलरामपुर जिले की तुलसीपुर तहसील क्षेत्र में सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें जर्जर होकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों से सड़कें टूटी पड़ी हैं, लेकिन संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि मौन बने हुए हैं। इन सड़कों से रोजाना अधिकारी और आम जनता का आवागमन होता है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जर्जर सड़कों से मुश्किल में आमजन
तुलसीपुर तहसील के ग्रामीण इलाकों में कई सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं। बरसात के बाद इनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का चलना बेहद जोखिमभरा हो गया है। लोग आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इन सड़कों की हालत सबसे खराब
क्षेत्र के कई मुख्य मार्ग ऐसे हैं जो अब पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में ये सड़कें तालाब जैसी दिखती हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। नीचे दी गई सड़कें वर्तमान में सबसे खराब स्थिति में हैं:
- मानपुर से लालपुर भवनडीह होते हुए रजडेरवा चौराहा तक की सड़क।
- कुड़वा जूनियर हाई स्कूल से मदरहवा तक का मार्ग।
- कुड़वा श्मशान घाट से जमुवरिया तक की सड़क।
- गैसड़ी साथी मार्ग से महुआ तक की सड़क।
- जूड़ीकुइयां चौराहा से गनेशपुर होते हुए त्रिलोकपुर मोड़ तक का मार्ग।
- डालपुर तिराहा से बालापुर तक का रास्ता।
- रतनपुर चौराहा से रतनपुर पूर्वी बलुहवा तक की सड़क।
- बेनीनगर से चौकिया मोड़ तक का मार्ग।
- बगनवा से गौरा नहर तक की पक्की सड़क।
ग्रामीणों की नाराजगी और मांग
क्षेत्रवासियों बब्बू यादव, राजेंद्र प्रसाद, डॉ. बृजेंद्र बहादुर, राजेश कुमार, सलाहुद्दीन, शिवकुमार तिवारी, रक्षा राम यादव, रामस्वरूप, फौजान अहमद, राजेंद्र प्रसाद पटवा, मोहम्मद सलीम और बैजनाथ जायसवाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) से इन सड़कों की तत्काल मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।
निष्कर्ष: प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
तुलसीपुर क्षेत्र की जर्जर सड़कों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर सरकार ग्रामीण विकास और सड़क सुरक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इन मार्गों की दुर्दशा विकास के दावों की पोल खोल रही है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द ही स्थिति का संज्ञान लेकर सुधार कार्य शुरू करेगा, ताकि आवागमन सुरक्षित और सुगम बन सके।




