लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस जाएगा। यह सम्मेलन 19 से 23 जनवरी तक आयोजित होगा।
उत्तर प्रदेश के विकास और निवेश की नई दिशा
इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना और विदेशी निवेशकों के साथ रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करना है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान राज्य प्रतिनिधिमंडल विभिन्न वैश्विक कंपनियों और निवेशकों से मुलाकात कर सेमीकंडक्टर, पर्यटन, सौर ऊर्जा, विनिर्माण, आईटी और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेगा।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उत्तर प्रदेश की मौजूदगी
सम्मेलन में भाग लेने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री के साथ अपर मुख्य सचिव (वित्त) श्री दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री श्री अमित सिंह तथा सीईओ इन्वेस्ट यूपी श्री विजय किरन आनंद शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा 24 जनवरी को संपन्न होकर वापस लौटेगा।
वैश्विक मंच पर “नए उत्तर प्रदेश” की प्रस्तुति
उत्तर प्रदेश सरकार इस सम्मेलन में ‘नया उत्तर प्रदेश – नई अर्थव्यवस्था’ की अवधारणा प्रस्तुत करेगी। इसका उद्देश्य राज्य को एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों को यह दिखाया जाएगा कि कैसे प्रदेश में बुनियादी ढांचे, नीति सुधारों, औद्योगिक कॉरिडोर और सरल निवेश प्रक्रियाओं के माध्यम से व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाया गया है।
वित्त मंत्री बोले – “उत्तर प्रदेश बनेगा निवेश का हब”
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि “वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भागीदारी का उद्देश्य विश्व के अग्रणी निवेशकों को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य भारत का सबसे तेज़ी से विकसित होता आर्थिक केंद्र बन चुका है।” उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं, जिन पर इस सम्मेलन में विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पिछले वर्ष के निवेश सम्मेलन की सफलता
गौरतलब है कि 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उत्तर प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। दावोस में होने वाला यह सम्मेलन उस दिशा में अगला कदम है, जिसके माध्यम से राज्य सरकार इन प्रस्तावों को वैश्विक स्तर पर और विस्तार देना चाहती है।
उत्तर प्रदेश की भागीदारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में न केवल राज्य की वैश्विक निवेश छवि को मजबूत करेगी, बल्कि भारत की समग्र आर्थिक प्रतिष्ठा को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।




