नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
ईरान इन दिनों सुर्खियों में है — तीन हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन, सड़कों पर गुस्से की लहर, और पूरे देश में इंटरनेट बंद! लेकिन जब तेहरान से लौटे भारतीयों ने वहां की असली तस्वीर बताई, तो सब हैरान रह गए। उन्होंने जो बताया, वो खबरों से बिल्कुल अलग था — “प्रदर्शन तो हो रहे हैं, पर हालत उतने खराब नहीं जितने दिखाए जा रहे हैं!”
“हमने वो देखा, जो मीडिया नहीं दिखा रही…”
ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने कहा — “हम तीन लोग एक इंडियन फार्मा कंपनी के काम से गए थे। वहां इंटरनेट बंद था, लेकिन सबकुछ शांत था। हमने कहीं बड़े प्रदर्शन या हिंसा जैसी कोई बात नहीं देखी।” उनका दावा है कि देश की अर्थव्यवस्था पर जरूर असर है, लेकिन लोग डरे नहीं हैं — “हर कोई अपना काम कर रहा है, बाजार खुले हैं।”
तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा या सामान्य जीवन?
शिराज़ यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ रहे एक भारतीय छात्र ने एएनआई को बताया — “हमें इंटरनेट नहीं मिल रहा था, बस इतना ही फर्क था। बाकी वहां जिंदगी सामान्य थी। हमने कोई बड़ा प्रदर्शन या हिंसक झड़प नहीं देखी। लोग चुपचाप अपने काम में लगे थे।”
“हम रात 11 बजे तक बाहर घूमे, कोई डर नहीं था”
ईरान से लौटीं छात्रा जहरा ने बताया — “हम रात 11 बजे तक बाजार में घूमते थे, कहीं कोई डर नहीं था। पुलिस दिखती थी, लेकिन किसी को रोका नहीं गया। बस इंटरनेट बंद था, इसलिए हमें बाकी खबरें नहीं मिल पाईं।” उन्होंने कहा कि ईरान के लोग शांत हैं, और विदेशी नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं है।
- तीन हफ्तों से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी
- इंटरनेट और कॉल्स पर सख्त प्रतिबंध
- भारत ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
- लौटे भारतीय बोले — “वहां माहौल नॉर्मल, डरने की जरूरत नहीं”
- महंगाई और करेंसी संकट से नाराज आम जनता
अंदर की सच्चाई: प्रदर्शन हैं, लेकिन डर नहीं
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ईरान में महंगाई, बेरोजगारी और करेंसी अवमूल्यन को लेकर असंतोष है। लेकिन यह असंतोष हिंसक रूप नहीं ले रहा। लोग नाराज जरूर हैं, पर डर नहीं। वहां की गलियों में अब भी चाय की दुकानों पर भीड़ है, मस्जिदों में नमाजें जारी हैं, और बच्चे स्कूल जा रहे हैं। यानी हालात उतने तनावपूर्ण नहीं जितने बाहर से दिखते हैं।
भारत की चेतावनी — “सतर्क रहें, लेकिन घबराएं नहीं”
भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होते, आवश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। वहीं, लौटे भारतीयों का कहना है — “ईरान शांत है, बस इंटरनेट की चुप्पी थोड़ी डरावनी लगती है।”
निष्कर्ष: इंटरनेट बंद, पर जीवन जारी
यह कहानी बताती है कि हर देश की वास्तविकता कैमरों और सुर्खियों से अलग होती है। ईरान में इंटरनेट बंद है, प्रदर्शन चल रहे हैं, लेकिन वहां की सड़कों पर अब भी जिंदगी बह रही है — बस दुनिया फिलहाल उसे देख नहीं पा रही।
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