मुंबई, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिकाओं और कुल 2,869 वार्डों के चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 1,441 वार्डों पर कब्जा जमाते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने मुंबई, नागपुर, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई समेत ज्यादातर नगर निगमों में बहुमत हासिल किया है। वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और AIMIM को सीमित सफलता मिली है।
पार्टीवार कुल परिणाम
| पार्टी | जीते वार्ड |
|---|---|
| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 1441 |
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 405 |
| कांग्रेस | 318 |
| शिवसेना (UBT) | 154 |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) | 164 |
| AIMIM | 97 |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) | 36 |
| मनसे | 14 |
| वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) | 15 |
| अन्य | 225 |
| कुल | 2869 |
प्रमुख महानगरपालिकाओं के परिणाम (शहरवार)
| शहर / नगर निगम | कुल वार्ड | भाजपा | शिवसेना | शिवसेना (UBT) | कांग्रेस | NCP | AIMIM | अन्य |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बृहन्मुंबई (BMC) | 227 | 89 | 29 | 65 | 24 | 4 | 8 | 9 |
| पुणे | 165 | 123 | 1 | 1 | 16 | 21 | 0 | 3 |
| नागपुर | 151 | 102 | 1 | 2 | 33 | 1 | 0 | 12 |
| ठाणे | 131 | 28 | 75 | 1 | 0 | 9 | 0 | 6 |
| कल्याण-डोंबिवली | 122 | 50 | 53 | 11 | 2 | 1 | 0 | 5 |
| पिंपरी-चिंचवड़ | 128 | 84 | 6 | 0 | 0 | 37 | 0 | 1 |
| नाशिक | 122 | 72 | 26 | 15 | 3 | 4 | 0 | 2 |
| नवी मुंबई | 111 | 65 | 43 | 2 | 0 | 0 | 0 | 1 |
| सोलापुर | 102 | 87 | 4 | 0 | 2 | 1 | 0 | 8 |
| अमरावती | 87 | 25 | 3 | 1 | 14 | 16 | 15 | 13 |
| धुले | 74 | 50 | 5 | 0 | 0 | 8 | 10 | 1 |
| लातूर | 70 | 22 | 0 | 0 | 43 | 1 | 0 | 0 |
| औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) | 115 | 58 | 12 | 6 | 1 | 0 | 33 | 5 |
| मालेगांव | 84 | 2 | 18 | 0 | 3 | 0 | 20 | 41 |
| कोल्हापुर | 81 | 26 | 15 | 1 | 34 | 4 | 0 | 1 |
| नांदेड़ | 81 | 55 | 12 | 0 | 0 | 0 | 14 | 0 |
| मीरा-भायंदर | 95 | 78 | 3 | 0 | 13 | 0 | 0 | 1 |
| पनवेल | 78 | 55 | 2 | 5 | 4 | 2 | 0 | 10 |
| भिवंडी | 90 | 22 | 12 | 0 | 30 | 0 | 0 | 14 |
| जलगांव | 75 | 46 | 22 | 5 | 0 | 1 | 0 | 1 |
राजनीतिक विश्लेषण: भाजपा की शहरी पकड़ और विपक्ष की कमजोर एकजुटता
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भाजपा को मराठा, उत्तर भारतीय और ओबीसी मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिला। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जोड़ी ने स्थानीय निकाय चुनावों को विधानसभा जैसी गंभीरता से लिया। वहीं महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में एकजुटता की कमी, उद्धव ठाकरे गुट की अंदरूनी टूट और AIMIM व VBA जैसे दलों के उभार ने कांग्रेस और एनसीपी का जनाधार कमजोर किया। विश्लेषकों के अनुसार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका, जिससे मराठी अस्मिता का मुद्दा भी कमजोर पड़ गया।
निष्कर्ष: भाजपा की निर्णायक बढ़त, महाराष्ट्र में नया राजनीतिक समीकरण
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव 2026 के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की शहरी राजनीति में भाजपा की पकड़ बेहद मजबूत हो गई है। महायुति गठबंधन की जीत ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी पार्टी को बढ़त दे दी है, जबकि AIMIM का प्रदर्शन विपक्ष के लिए चिंता का विषय बन गया है। शिवसेना के दो गुटों में बंटवारे का असर नतीजों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिससे पार्टी की परंपरागत सत्ता का क्षरण हुआ है। ये परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में नए शक्ति संतुलन का संकेत दे रहे हैं।
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