कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विकास कार्यक्रमों की प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर कम रैंकिंग वाले विभागों की एक-एक कर गहन समीक्षा की गई। बैठक का उद्देश्य जनपद की रैंकिंग में सुधार लाते हुए शासन की प्राथमिक योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारना रहा।
कम रैंकिंग वाले विभागों की गहन समीक्षा
बैठक के दौरान पीएम सूर्यघर योजना, आईसीडीएस, एनआरएलएम, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, विभिन्न विभागों द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना तथा नई सड़कों के निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया और लापरवाह कार्यशैली पर नाराजगी जताई।
पीएम सूर्यघर योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी
पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत जनपद को मिले 1600 के लक्ष्य के सापेक्ष अत्यंत कम प्रगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनवरी माह में 500 और फरवरी माह में 500 लाभार्थियों को योजना से आच्छादित करते हुए लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से समन्वय बनाकर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
फैमिली आईडी व छात्रवृत्ति योजनाओं पर सख्त चेतावनी
फैमिली आईडी की विकास खण्डवार समीक्षा के दौरान विगत 15 दिनों से शून्य प्रगति वाले चार खण्ड विकास अधिकारियों को चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि अगले शुक्रवार की समीक्षा बैठक तक लक्ष्य पूर्ति नहीं हुई तो शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं की धीमी गति पर भी नाराजगी जताते हुए पात्र लाभार्थियों के समयबद्ध चिन्हांकन और डाटा अपलोड के निर्देश दिए।
- आईसीडीएस, एनआरएलएम और जल जीवन मिशन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
- फैमिली आईडी में शून्य प्रगति पर अधिकारियों को चेतावनी
- योजनाओं में गलत रिपोर्टिंग पर सख्त कार्रवाई के संकेत
सड़क निर्माण और युवा कल्याण योजना पर जोर
नई सड़कों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना की समीक्षा में उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।
निष्कर्ष: लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी
बैठक के अंत में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दो टूक कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग सुधारना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता, लापरवाही या गलत रिपोर्टिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आपसी समन्वय से कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
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